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    सोनभद्र में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में हुई शादी, दहेज के लिए पीटकर निकालने का आरोप

    By Mukesh Chandra SrivastavaEdited By: Abhishek sharma
    Updated: Fri, 08 May 2026 02:28 PM (GMT+05:30)

    सोनभद्र के दुद्धी में एक विवाहिता ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न, मारपीट और घर से निकालने का आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योज ...और पढ़ें

    सोनभद्र में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह के बाद दहेज उत्पीड़न, पति समेत छह पर केस।

    सोनभद्र में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह के बाद दहेज उत्पीड़न, पति समेत छह पर केस।

    HighLights

    1. दुद्धी में विवाहिता ने दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया।

    2. मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत हुई थी शादी।

    3. पति समेत छह ससुरालियों पर मुकदमा दर्ज।

    जागरण संवाददाता, सोनभद्र। दुद्धी क्षेत्र की एक विवाहिता ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न, मारपीट और घर से निकालने का गंभीर आरोप लगाया है। अमवार गांव निवासी आरती देवी की तहरीर पर महिला थाना दुद्धी ने उसके पति समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

    आरती देवी ने महिला थानाध्यक्ष को दी गई तहरीर में बताया कि उसका विवाह मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 25 जनवरी 2023 को कोन थाना क्षेत्र के किशुनपुरवा निवासी पप्पू कुमार के साथ हुआ था। विवाह के बाद आरती ने ससुराल में रहकर गृहस्थ जीवन बिताया, लेकिन कुछ समय बाद ससुराल पक्ष के लोग दहेज को लेकर उसे ताना मारने लगे।

    पीड़िता का आरोप है कि उसका पति शराब के नशे में आए दिन गाली-गलौज और मारपीट करता था। इसके अलावा, उस पर मोबाइल से दूसरे युवक से बात करने और चरित्र पर संदेह लगाने जैसे आरोप भी लगाए जाते थे। आरती ने यह भी कहा कि उसकी सास गुलबासी देवी, ससुर राममूरत, गनेश प्रसाद, उर्मिला देवी और अनिता देवी भी पति को उकसाते थे और उस पर दो लाख रुपये दहेज लाने का दबाव बनाते थे।

    तहरीर के अनुसार, 19 मार्च 2026 को ससुराल पक्ष के लोगों ने आरती की पिटाई कर उसे घर से बाहर निकाल दिया और चेतावनी दी कि जब तक वह मायके से दो लाख रुपये नहीं लाएगी, तब तक उसे ससुराल में प्रवेश नहीं मिलेगा। तब से आरती अपने मायके में रह रही है। इस मामले में महिला थाना दुद्धी की पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। दहेज उत्पीड़न के इस मामले ने समाज में एक बार फिर दहेज प्रथा के खिलाफ जागरूकता की आवश्यकता को उजागर किया है।

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