उत्तर प्रदेश में झमाझम बरसात से घटी बिजली की खपत, छह दिन में 148 मिलियन यूनिट की कमी
उत्तर प्रदेश में मानसून के सक्रिय होने से बिजली की खपत में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। छह दिनों में 147.9 मिलियन यूनिट की कमी आने से बिजली प्रबंधन ...और पढ़ें

उत्तर प्रदेश में झमाझम बारिश से घटी बिजली की खपत, प्रबंधन को मिली राहत।
HighLights
मानसून से उत्तर प्रदेश में बिजली खपत में कमी।
छह दिनों में 147.9 मिलियन यूनिट की गिरावट।
महंगी बिजली खरीद की आवश्यकता में आई कमी।
जागरण संवाददाता, ओबरा (सोनभद्र)। प्रदेश में मानसून के सक्रिय होने के साथ ही बिजली की मांग और खपत में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। लगातार हो रही बारिश से तापमान में कमी आने का सीधा असर बिजली उपभोग पर दिखाई दे रहा है।
इससे बिजली प्रबंधन को भी बड़ी राहत मिलने लगी है, क्योंकि पिछले कई सप्ताह से रिकॉर्ड मांग पूरी करने के लिए अतिरिक्त स्रोतों से महंगी बिजली खरीदनी पड़ रही थी। यूपीएसएलडीसी के आंकड़ों के अनुसार एक अगस्त को प्रदेश में बिजली की कुल खपत 620.6 मिलियन यूनिट थी, जो छह अगस्त तक घटकर 472.7 मिलियन यूनिट रह गई। यानी महज छह दिनों में 147.9 मिलियन यूनिट की कमी दर्ज की गई।
इससे उत्पादन इकाइयों और आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ रहा दबाव भी काफी कम हुआ है। जुलाई में कमजोर मानसून और उमस भरी गर्मी के कारण बिजली की मांग लगातार ऊंचे स्तर पर बनी रही थी। इस दौरान प्रदेश में अधिकतम मांग 32,510 मेगावाट तक पहुंच गई थी।
वहीं, कई उत्पादन इकाइयों के तकनीकी कारणों से बंद रहने के चलते बिजली निगम को अतिरिक्त स्रोतों से अपेक्षाकृत महंगी बिजली खरीदकर मांग और आपूर्ति का संतुलन बनाए रखना पड़ा। बिजली क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि यदि अगस्त में भी मानसून इसी तरह सक्रिय रहा तो बिजली की मांग नियंत्रित रहेगी। इससे उत्पादन इकाइयों पर दबाव घटेगा और महंगी बिजली की खरीद की आवश्यकता भी काफी कम हो जाएगी।