उत्तर प्रदेश में बारिश की वजह से घटी बिजली की मांग, 24 घंटों में 57 मिलियन यूनिट कम दर्ज हुई बिजली की खपत
उत्तर प्रदेश में बीते 24 घंटों में बिजली की खपत 57 मिलियन यूनिट कम हुई है, जिसका मुख्य कारण कुछ जिलों में हुई मूसलाधार बारिश है। मानसून की सक्रियता से ...और पढ़ें

उत्तर प्रदेश में बारिश से बिजली की मांग घटी, 57 मिलियन यूनिट खपत कम।
HighLights
उत्तर प्रदेश में 24 घंटे में 57 मिलियन यूनिट बिजली खपत घटी।
मूसलाधार बारिश के कारण उमस भरी गर्मी से मिली राहत।
बिजली प्रबंधन को महंगी खरीद में कमी से हुआ आर्थिक लाभ।
जागरण संवाददाता, ओबरा (सोनभद्र)। प्रदेश में एक बार फिर बिजली की खपत बीते 24 घंटों में 57 मिलियन यूनिट कम दर्ज की गई है। जिसका मुख्य कारण प्रदेश के कुछ जिलों में बीते 48 घंटों के दौरान हुई मूसलाधार बारिश को माना जा रहा है। तेज बारिश के बाद कई इलाकों में लोगों को उमस भरी गर्मी से काफी राहत मिलने के बाद यह कमी देखने को मिल रही है।
यूपीएसएलडीसी द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार बीते तीन जुलाई की प्रदेश में बिजली की कुल खपत 606.1 मिलियन यूनिट दर्ज हुई थी, जो कि मानसून की सक्रियता बढ़ने के बाद अगले ही दिन घटकर 549.1 मिलियन यूनिट तक जा पहुंची। जिसकी वजह से प्रदेश में कई बिजली इकाइयों के बंद होने के कारण महंगी दरों पर खरीदी जा रही बिजली में भी काफी कमी होने पर उसने बिजली प्रबंधन को आर्थिक रूप से काफी फायदा पहुंचाया।
वहीं मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में अगले दो दिनों तक मानसून सक्रिय रहने की संभावना जताई जा रही है। इस दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश के सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, गाजीपुर, गोरखपुर आदि में मध्यम के साथ कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा पश्चिमी और मध्य यूपी में भी कई स्थानों पर बारिश होने की प्रबल संभावना है। हालांकि इसकी तीव्रता क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग रह सकती है।
जिसकी वजह से अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 30 से 34°C और न्यूनतम तापमान 24 से 27°C के आसपास बने रहने की उम्मीद जताई जा रही है। जिससे उमस बनी रह सकती है, लेकिन बारिश के दौरान तापमान में भी गिरावट महसूस होने से ठंडक पहुंचाने वाले बिजली उपकरणों का उपयोग काफी कम हो सकता है। यदि ऐसा होता है तो आने वाले दिनों में भी प्रदेश में बिजली की कुल खपत में कमी बरकरार रहने की उम्मीद जताई जा सकती है।