'सड़क से लेकर संसद तक हिंसा अनुचित', मायावती ने सरकार और CJP से क्या अपील की?
बसपा सुप्रीमो मायावती ने पेपर लीक मुद्दे और जंतर मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर सरकार की कड़ी आलोचना की है। ...और पढ़ें

बसपा सुप्रीमो मायावती। (तस्वीर- फाइल)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली/लखनऊ। बसपा सुप्रीमो मायावती ने पेपर लीक मुद्दे और जंतर मंतर पर छात्रों पर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सरकार को भी जमकर घेरा है।
मायावती ने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का जंतर मंतर में पिछले कई दिनों से, खासकर मेडिकल की नीट जैसी विशेष परीक्षा आदि में पेपरलीक व अन्य गड़बडियों के दुष्परिणामों से छात्र-छात्राओं व उनके परिवार के काफी बुरी तरह से प्रभावित हो रहे जीवन को लेकर जारी अनिश्चितकालीन आन्दोलन के कारण सड़क से लेकर संसद तक में जबरदस्त हंगामा बरपा है। अब इसका राजनीतिकरण करने से यह मुद्दा सरकार के साथ सीधे टकराव का हो गया है, जिस विषम स्थिति से देश को निकालना जरूरी है, क्योंकि इससे दिल्ली में ही नहीं, बल्कि विभिन्न राज्यों में भी आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
भ्रष्टाचार का परिणाम है पेपर लीक- मायावती
मायावती ने कहा, 'वैसे चाहे पूरे देश में अयोध्या श्रीराम मन्दिर में चढ़ावा चोरी/ग़बन आदि का गर्म मामला हो या फिर ऑल-इण्डिया व राज्यों की परीक्षाओं आदि में पेपरलीक का मुद्दा हो, यह सभी मूलतः भ्रष्टाचार के हर स्तर पर पनपने का ही परिणाम है।'
कहा कि यह संवैधानिक नैतिकता (constitutional morality) से भी जुड़ा मामला है, जिसके अभाव में यह देश को दीमक की तरह खाता चला आ रहा है, जबकि संविधान निर्माता परमपूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने गुड गवरनेन्स हेतु इस पर खास ध्यान देने की जरूरत पर विशेष बल दिया है।
1.काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का देश की राजधानी नई दिल्ली में संसद के नज़दीक जन्तर मन्तर में पिछले कई दिनों से, ख़ासकर मेडिकल की नीट जैसी विशेष परीक्षा आदि में पेपरलीक व अन्य गड़बडियों के दुष्परिणामों से छात्र-छात्राओं व उनके परिवार के काफी बुरी तरह से प्रभावित हो रहे जीवन को…
— Mayawati (@Mayawati) July 23, 2026
मायावती ने सरकार और सीजेपी से की अपील
मायावती ने कहा कि सीजेपी के व्यापक हो रहे आन्दोलन का अब विभिन्न राजनीतिक पार्टियों द्वारा अपने-अपने संकीर्ण स्वार्थ में राजनीतिकरण करके सड़क से लेकर संसद तक में टकराव व हिंसा किया जाना घोर अनुचित है। सरकार व आन्दोलनकारी दोनों मिलकर इसका शान्ति व सौहार्दपूर्ण समाधान जितना जल्द निकालें उतना ही उचित।
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