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    सोनभद्र में कोयला भीगने स‍ह‍ित अन्‍य समस्‍याओं से सरकारी क्षेत्र की छह बिजली इकाइयां बंद, 2535 मेगावाट उत्पादन प्रभावित

    By Mukesh Chandra SrivastavaEdited By: Abhishek sharma
    Updated: Wed, 05 Aug 2026 03:23 PM (IST)

    सोनभद्र सहित प्रदेश की छह सरकारी बिजली इकाइयां कोयला भीगने और तकनीकी खराबी के कारण बंद हो गई हैं। इससे 2535 मेगावाट बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है, जिस ...और पढ़ें

    सोनभद्र में छह सरकारी बिजली इकाइयां बंद, 2535 मेगावाट उत्पादन ठप।

    सोनभद्र में छह सरकारी बिजली इकाइयां बंद, 2535 मेगावाट उत्पादन ठप।

    HighLights

    1. सोनभद्र में छह सरकारी बिजली इकाइयां बंद पड़ी हैं।

    2. कोयला भीगने और तकनीकी खराबी मुख्य कारण हैं।

    3. इससे 2535 मेगावाट बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है।

    जागरण संवाददाता, ओबरा (सोनभद्र)। प्रदेश में बिजली की मांग में पिछले काफी दिनों से उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। ऐसे में बढ़ती मांग के बीच प्रदेश की विद्युत् आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु रूप से बहाल रख पाना बिजली प्रबंधन के टेढ़ी खीर साबित होता जा रहा है। जिसका मुख्य कारण सरकारी क्षेत्र की बिजली इकाइयों से सस्ते दरों पर होने वाले बिजली उत्पादन में पड़ने वाला व्यवधान माना जा रहा है।

    बीते दो जुलाई से लेकर चार अगस्त के बीच रह-रहकर कई सरकारी बिजली उत्पादन इकाइयों से उत्पादन ठप होता रहा। जिनमें से कुछ इकाइयों से बीच-बीच में उत्पादन शुरु किया गया, बावजूद इसके बुधवार सुबह तक प्रदेश में सरकारी क्षेत्र की घाटमपुर, जवाहरपुर, हरदुआगंज और ओबरा की कुल छह इकाइयों से उत्पादन बंद होने के कारण 2535 मेगावाट उत्पादन प्रभावित रहा।

    जानकारों का कहना है कि बारिश के दिनों में बिजली परियोजनाओं को मिलने वाला कोयला भीगा होने के कारण भी यह इकाइयों के उत्पादन पर काफी बुरा प्रभाव डालता है। ज्यादातर इकाइयां पूर्ण क्षमता से कम चलने के अलावा इकाइयों का उत्पादन लो फ्लेम के कारण भी प्रभावित होता है। साथ ही साथ बारिश के दिनों में शीतलन के लिए मिलने वाले पानी में सिल्ट की मात्रा अधिक होने की वजह से भी समस्या बढ़ने पर इकाइयों से उत्पादन ठप होने की समस्या बनी रहती है।

    सरकारी क्षेत्र की बंद इकाइयां
    प्रदेश में बुधवार सुबह तक बंद चल रही सरकारी क्षेत्र की इकाइयों में शामिल हरदुआगंज परियोजना की इकाई संख्या नौ से बीते दो जुलाई से उत्पादन ठप पड़ा हुआ है। इसके अलावा बीते नौ जुलाई से ओबरा 'सी' परियोजना की पहली इकाई डीसीएस सिस्टम फेल होने के कारण बंद है।

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    इसके साथ ही हरदुआगंज की इकाई संख्या सात, घाटमपुर की इकाई संख्या एक, जवाहरपुर की इकाई संख्या एक, ओबरा 'बी' परियोजना की इकाई संख्या नौ से उत्पादन बंद चल रहा है। जिनसे पुनः उत्पादन बहाल करने के लिए कड़ी मशक्कत जारी है। उम्मीद है कि अगले बुधवार शाम या एक से दो दिनों में इनमें शामिल कई इकाइयों से उत्पादन शुरु हो जाएगा।