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खरीफ फसल के लिए खुला पोर्टल, गैर ऋणी किसान 14 और केसीसी धारक 31 अगस्त तक करा सकेंगे बीमा

Published: Fri, 07 Aug 2026 11:23 PM (IST)

सोनभद्र में खरीफ फसलों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पोर्टल सक्रिय हो गया है। ऋणी किसान 31 अगस्त और ...और पढ़ें

गैर ऋणी किसान 14 और केसीसी धारक 31 अगस्त तक करा सकेंगे बीमा।

गैर ऋणी किसान 14 और केसीसी धारक 31 अगस्त तक करा सकेंगे बीमा।

HighLights

  1. खरीफ फसल बीमा पोर्टल सोनभद्र में सक्रिय।

  2. ऋणी किसानों के लिए अंतिम तिथि 31 अगस्त।

  3. गैर-ऋणी किसान 14 अगस्त तक कराएं बीमा।

जागरण संवाददाता, सोनभद्र। खरीफ की फसलों के बीमा के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का पोर्टल सक्रिय हो गया है। उप कृषि निदेशक राजकुमार ने जिले के सभी किसानों से निर्धारित समय सीमा के भीतर फसल बीमा कराने की अपील की है।

ऋणी किसानों (केसीसी धारकों) के लिए बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 अगस्त तथा गैर ऋणी किसानों के लिए 14 अगस्त निर्धारित की गई है।

सहज जन सेवा केंद्र पर कराएं बीमा

उप कृषि निदेशक ने बताया कि गैर ऋणी किसान कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारियों, निकटवर्ती सहज जन सेवा केंद्र अथवा नामित बीमा कंपनी के प्रतिनिधि के माध्यम से अपनी फसलों का बीमा करा सकते हैं।

बीमा के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, खतौनी एवं स्वयं बुवाई प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जनपद में खरीफ वर्ष के लिए धान, मक्का, ज्वार, उड़द, तिल और अरहर की फसलों को अधिसूचित किया गया है।

कुल बीमित राशि का मात्र दो प्रतिशत प्रीमियम ही जमा करेंगे किसान

किसानों को कुल बीमित राशि का केवल दो प्रतिशत प्रीमियम जमा करना होगा, जबकि शेष प्रीमियम का भार केंद्र एवं राज्य सरकार वहन करेगी। बताया कि प्राकृतिक आपदा, अतिवृष्टि, सूखा अथवा अन्य अधिसूचित कारणों से फसल क्षति होने पर किसानों को योजना के तहत आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

अबकी एसबीआई इंश्योरेंस कंपनी है नामित

किसी भी प्रकार की फसल क्षति अथवा बीमा संबंधी शिकायत दर्ज कराने के लिए भारत सरकार का टोल फ्री नंबर 14447 उपलब्ध है। जनपद में खरीफ 2026 के लिए एसबीआइ जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को फसल बीमा कंपनी नामित किया गया है।

उप कृषि निदेशक ने किसानों से अंतिम तिथि का इंतजार न करते हुए समय रहते बीमा कराने की अपील की है, ताकि किसी भी दैवीय आपदा की स्थिति में उन्हें योजना का पूरा लाभ मिल सके।

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