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    सोनभद्र में फर्जी खनिज परमिट रैकेट का भंडाफोड़, पांच गिरफ्तार; मास्टरमाइंड समेत तीन फरार

    Updated: Wed, 01 Jul 2026 07:18 PM (GMT+05:30)

    पुलिस ने सोनभद्र में फर्जी ई-फॉर्म-11 के जरिए गिट्टी के अवैध परिवहन का बड़ा नेटवर्क उजागर किया है। ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. पुलिस ने अवैध खनिज परिवहन के बड़े नेटवर्क का किया खुलासा।

    2. पांच आरोपी गिरफ्तार, लैपटॉप, प्रिंटर, हजारों फर्जी परमिट बरामद।

    3. पुराने एमएम-11 में फेरबदल कर होता था अवैध परिवहन।

    जागरण संवाददाता, सोनभद्र। जनपद में अवैध खनिज परिवहन के बड़े नेटवर्क का बुधवार को पुलिस ने राजफाश कर दिया। राबर्ट्सगंज पुलिस, एसओजी और खनन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में फर्जी ई-फार्म-11 (खनिज परिवहन परमिट) तैयार कर गिट्टी के अवैध परिवहन कराने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से लैपटाप, प्रिंटर, सिक्योरिटी पेपर और बड़ी संख्या में प्रयुक्त परमिट बरामद किए हैं।

    गिरोह का सरगना समेत तीन आरोपित अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में दबिश दी जा रही है। गिरफ्तार चंदौली के नौगढ़ थाना क्षेत्र के बोझ गांव निवासी दिलीप प्रजापति, चोपन थाना क्षेत्र के कोटा गांव निवासी रितेश कुमार जायसवाल, डाला निवासी मोहन उर्फ अजय कुमार, मीरजापुर के जमालपुर थाना क्षेत्र के भदावर गांव निवासी अमरनाथ त्रिपाठी उर्फ राजू त्रिपाठी व झारखंड के गढ़वा जिला के केतार थाना क्षेत्र के केतार गांव निवासी संतोष कुमार जायसवाल का पुलिस ने चालान कर दिया।

    फरार तीन आरोपित एके इंटरप्राइजेज बिल्ली मारकुुंडी का प्रोपराइटर वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र के भदीवा अमौली गांव निवासी सुरेश कुमार पाठक, पन्नूगंज थाना क्षेत्र के कूरा कला गांव निवासी अश्वनी कुमार पटेल व चोपन थाना क्षेत्र के प्रीतनगर निवासी हिमांशु पाण्डेय की पुलिस तलाश कर रही है।

    पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने बुधवार को पुलिस लाइन सभागार में पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि जांच के दौरान पकड़े चालक दिलीप प्रजापति से पूछताछ में पूरे रैकेट की जानकारी हुई।

    चालक ने बताया कि पुराने एमएम-11 में वाहन संख्या, दिनांक, समय और अन्य विवरण बदलकर नए परमिट जैसा स्वरूप दिया जाता था। इन्हीं फर्जी दस्तावेजों के सहारे खदानों से गिट्टी लोड कर विभिन्न स्थानों तक भेजी जाती थी। प्रत्येक चक्कर के बदले चालक को पांच हजार रुपये देने का लालच दिया जाता था।

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    पूछताछ के आधार पर पुलिस ने बिल्ली मारकुंडी स्थित एके इंटरप्राइजेज के कार्यालय पर छापा मारा। वहां से चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। मौके से एक लैपटॉप, एचपी लेजरजेट प्रिंटर, 748 अप्रयुक्त सिक्योरिटी पेपर, करीब एक हजार प्रयुक्त एमएम-11 और कई अहम दस्तावेज बरामद हुए।

    जांच में सामने आया कि एके इंटरप्राइजेज का लाइसेंस आठ जून 2026 को समाप्त हो चुका था। इसके बावजूद उसी के नाम पर जारी सिक्योरिटी पेपर और पुराने परमिटों का दुरुपयोग कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए जा रहे थे। पत्रकार वार्ता के दौरान एएसपी आपरेशन ऋषण रूणवाल, सीओ सिटी रणधीर मिश्रा मौजूद रहे।