सोनांचल के प्रमुख नदियों के घाटों पर शुरू होगी आरती, तैनात होंगे पुजारी
सोनभद्र के सोनांचल क्षेत्र की प्रमुख नदियों सोन, रिहंद सहित अन्य के घाटों पर गंगा आरती की तर्ज पर नियमित आरती शुरू होगी। इसके लिए स्थानीय भागीदारी, नद ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
सोनांचल की प्रमुख नदियों पर नियमित आरती शुरू होगी।
गंगा आरती की तर्ज पर पुजारियों की नियुक्ति होगी।
नदी संरक्षण और स्वच्छता में सक्रिय सहयोग अनिवार्य।
जागरण संवाददाता, सोनभद्र। गंगा आरती की तर्ज पर सोनांचल की प्रमुख नदियों सोन, रिहंद, कनहर, कर्मनाशा, बेलन आदि के प्रमुख घाटों पर नियमित आरती की पहल शुरू हो गई है। आरती के लिए प्रत्येक नदी के घाट पर एक-एक पुजारी तैनात किये जाएंगे।
पुजारी उन्हें ही बनाया जाएगा जो स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी, नदी संरक्षण, स्वच्छता, जन-जागरूकता एवं नमामि गंगे कार्यक्रम में सक्रिय सहयोग दे रहा हो या फिर भविष्य में सक्रिय सहभागिता देने के लिए इच्छुक एवं प्रतिबद्ध हो।
आरती के लिए नियुक्त होने वाले पुजारियों का प्रशिक्षण भी कराया जाएगा। इन घाटों पर गंगा आरती की तरह नियमित आरती के लिए इस तरह की पहल की जा रही है। यह तैयारी राज्य स्वच्छ गंगा मिशन के निर्देश पर शुरू हुई है।
संबंधित नदी क्षेत्रों से जुड़े नगरीय निकायों और ब्लॉक इकाइयों के अधिकारियों से इस पर रिपोर्ट मांगी गई है। जिला गंगा समिति के सदस्य संयोजक, प्रभागीय वनाधिकारी सोनभद्र की ओर से सभी को इसके लिए पत्र जारी किया है।
रेणुका नदी के छठ घाट पर होती है आरती
नगर पंचायत ओबरा के रेणुका नदी के घाट पर छठ पर्व और देव दीपावली के अवसर पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। इन आयोजनों में गंगा आरती का संचालन वाराणसी एवं अन्य स्थानों से आने वाले पुजारी कराते हैं। जबकि छठ पूजा के दौरान स्थानीय पुजारी धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराते हैं।
इसके अलावा ओबरा क्षेत्र में कहीं भी नियमित रूप से आरती नहीं होती। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी ने इसकी रिपोर्ट जिला गंगा समिति के संयोजक को भेजा है।
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