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    सोनभद्र में टाटा एक्सीलेंस सेंटर बनने से बढ़ेगा रोजगार, युवाओं को मिलेगी एडवांस टेक्नोलॉजी की ट्रेनिंग

    Updated: Sun, 05 Jul 2026 05:12 PM (IST)

    सोनभद्र में टाटा टेक्नोलॉजी 7.05 करोड़ की लागत से एक एक्सीलेंस सेंटर बना रहा है, जो मई 2027 तक पूरा होगा। यह केंद्र जिले के युवाओं को सेटेलाइट, एआई सह ...और पढ़ें

    7.05 करोड़ में बनेगा टाटा एक्सीलेंस सेंटर।

    7.05 करोड़ में बनेगा टाटा एक्सीलेंस सेंटर।

    HighLights

    1. टाटा टेक्नोलॉजी 7.05 करोड़ में बनाएगा एक्सीलेंस सेंटर।

    2. युवाओं को सेटेलाइट, एआई जैसी आधुनिक तकनीक में प्रशिक्षण।

    3. मई 2027 तक पूरा होगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

    जागरण संवाददाता, सोनभद्र। आकांक्षी जिले में शामिल सोनभद्र के बच्चे भी अब सेटेलाइट, कंप्यूटर डिजाइन, एआई सहित अन्य एडवांस टेक्नोलॉजी में दक्ष होंगे। इसके लिए यहां पर पॉलिटेक्निक स्कूल में लगभग 7.05 करोड़ की लागत से टाटा टेक्नोलॉजी की ओर से एक्सीलेंस सेंटर बनने जा रहा है। इसे मई 2027 तक पूरा कहना है। इसमें जिले के तीनों राजकीय पॉलिटेक्निक स्कूलों के छात्र-छात्राएं पढ़ाई करेंग

    जिले में तीन राजकीय पॉलिटेक्निक स्कूल हैं, जिसमें लगभग एक हजार विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। खास बात है कि यहां पर केमिकल इंजीनियरिंग कोर्स का भी संचालन हो रहा है, जिसका पहला बैच इसी साल निकला है।

    इस सेंटर के संचालित होने से युवाओं को आईटी, एआई, मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रानिक्स, आटोमोबाइल क्षेत्र की तमाम आधुनिक जानकारियां मिलेंगी। यहां से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं के लिए रोजगार के तमाम द्वार भी खुलेंगे।

    यही नहीं यहां से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को टाटा टेक्नोलॉजी की ओर से भी जाब के ऑफर दिए जाएंगे। वैसे में भी प्रदेश के तमाम जिलों के आइटीआइ में टाटा के ये प्रशिक्षण खुले हैं। यहां भी खुला है, लेकिन पॉलिटेक्निक वाले एक्सीलेंस सेंटर में सभी आधुनिक ट्रेनिंग मिलेगी।

    जिले में स्थित कंपनियों को भी मिलेंगे दक्ष युवा‌

    सोनांचल खनिज संपदा से परिपूर्ण है। कोयला, सीमेंट, बालू, गिट्टी आदि यहां के प्रमुख धंधा व रोजगार के संसाधान हैं। बिजली उत्पादन के लिए विद्युत उत्पादन इकाइयों समेत अन्य राज्यों को भेजी जाती है। यहां एनटीपीसी शक्तिनगर, रिहंद, अनपरा, रेणुसागर, ओबरा, लैंको परियोजना, एनसीएल, हिंडाल्को, ग्रासिम, सीमेंट आदि हैं। यहां केमिकल आदि का भी उत्पाद होता है। इन तमाम कंपनियों में दक्ष युवाओं की जरूरत पड़ती है, जो यह सेंटर इस कमी को काफी हद तक पूरा करेगा।

    राबर्ट्सगंज व सिंदुरिया में संचालित हो रहा राजकीय पॉलिटेक्निक स्कूल

    राबर्ट्सगंज व सिंदुरिया में राजकीय पॉलिटेक्निक स्कूल संचालित हो रहा है। वहीं सिंदुरिया स्कूल के पास में ही चोपन के नाम से एक और स्कूल बनाया जा रहा है। तब तक इस स्कूल के बच्चे भी राबर्ट्सगंज में पढ़ाई कर रहे हैं। तीन जगह 75-75 सीटें हैं।

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    राबर्ट्सगंज में केमिकल व कंप्यूटर इंजीनियरिंग भी

    राबर्ट्सगंज स्थिति राजकीय पॉलिटेक्निक स्कूल में मेकेनिकल प्रोडक्शन इंजीनियरिंग, केमिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के डिप्लोमा कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। केमिकल इंजीनियरिंग कोर्स 2023-24 में शुरू हुआ, जिसका पहला बैच अभी पूर्ण हुआ है।

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    वहीं सिंदुरिया में सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल एवं मेकेनिकल इंजीनियरिंग कोर्स संचालित हो रहा है। वहीं चोपन में इलेक्ट्रिकल, कंप्यूटर साइंस व मेकेनिकल इंजीनियरिंग (ऑटोमोबाइल) कोर्स है, जिसका संचालन भी राबर्ट्सगंज स्थिति राजकीय पॉलिटेक्निक स्कूल में हो रहा है।

    टाटा टेक्नोलॉजी की ओर से यहां पर 7.05 करोड़ की लागत से एक्सीलेंस सेंटर निर्माण शुरू हो गया है। इसे मई 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। इसके यहां संचालित होने से आधुनिक तकनीकी रूप से दक्ष युवा तैयार होंगे। यहां स्थित बिजली, केमिकल, एल्युमुनियम, कोयल, सीमेंट आदि क्षेत्रों में तमाम संभावनाएं तैयार होंगी। -प्रमोद कुमार त्यागी, प्रधानाचार्य, राजकीय पॉलिटेक्निक स्कूल, राबर्ट्सगंज।