Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को सुलतानपुर की कोर्ट से राहत, आवाज-मिलान को लेकर दायर निगरानी याचिका निरस्त

    By Sanjay Tiwari Edited By: Dharmendra Pandey
    Updated: Wed, 15 Jul 2026 07:37 PM (IST)

    Rahul Gandhi: आरोप है कि 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने बेंगलुरू की एक प्रेस वार्ता में भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष औ ...और पढ़ें

    रायबरेली से कांग्रेस के सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी

    रायबरेली से कांग्रेस के सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी

    HighLights

    1. विशेष मजिस्ट्रेट ने भी पहले रद किया था प्रार्थनापत्र, अब हाई कोर्ट जाएंगे परिवादी

    2. केंद्रीय गृह मंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी प्रकरण

    3. मानहानि के मूल मुकदमे में 18 जुलाई को होनी है सुनवाई

    जागरण संवाददाता, सुलतानपुर। रायबरेली से कांग्रेस के सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सुलतानपुर में बड़ी राहत मिली है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी प्रकरण में एमपीएमएलए विशेष न्यायालय ने उनकी आवाज मिलाने की निगरानी याचिका को निरस्त कर दिया है।

    जज श्याम मोहन जायसवाल ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ भाजपा नेता की उस रिवीजन याचिका को निरस्त कर दिया, जिसमें राहुल गांधी की आवाज दाखिल सीडी से मिलान करने की मांग की गई थी। उनका प्रार्थनापत्र पहले विशेष मजिस्ट्रेट ने भी निरस्त कर दिया था। अब मानहानि के मूल मुकदमे में 18 जुलाई को सुनवाई होनी है।

    प्रकरण लगभग आठ वर्ष पुराना है। आरोप है कि 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने बेंगलुरू की एक प्रेस वार्ता में भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष और वर्तमान गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ एक आपत्तिजनक बयान दिया था।

    इसी बयान से आहत होकर यहां के भाजपा नेता जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष विजय मिश्र ने एमपीएमएलए व मजिस्ट्रेट के न्यायालय में परिवाद दाखिल किया था। कोर्ट ने इसे स्वीकार करते हुए मुकदमा चलाने का आदेश दिया था। अभियोजन साक्ष्य व आरोपित बयान के बाद मुकदमे में अंतिम बहस होनी थी, तभी वादी पक्ष की ओर से राहुल गांधी के बयान की सीडी की आवाज और उनकी वास्तविक आवाज का विधि विज्ञान प्रयोगशाला से मिलान करवाने का अनुरोध किया गया।

    खबरें और भी

    निचली अदालत ने इस अनुरोध को खारिज कर दिया था। इसके बाद परिवादी के अधिवक्ता संतोष पांडे ने एडीजे कोर्ट में रिवीजन याचिका दाखिल की थी। उन्होंने कहा कि निगरानी याचिका निरस्त करने के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दायर करेंगे।

    राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ल ने बताया कि न्यायालय ने स्पष्ट आदेश किया है कि आवाज मिलान का प्रश्न बहुत देरी से लाया गया। इसका कोई औचित्य नहीं है। मजिस्ट्रेट के आदेश में कोई कमी नहीं है, इसलिए उसकी पुष्टि करते हुए रिवीजन निरस्त कर दिया गया।

    यह भी पढ़ें- अमित शाह-राहुल गांधी पर FIR की मांग खारिज, दिल्ली हाई कोर्ट ने ठुकराई जनहित याचिका

    यह भी पढ़ें- राहुल गांधी के दौरे से पहले उत्तराखंड में बवाल, रात भर हंगामा; अब तक ढाई लाख रजिस्ट्रेशन