सुलतानपुर में केश कुमारी के पीछे बनेगीं 60 दुकानें, नगर पालिका ने सेल्फ फाइनेंसिंग योजना के लिए बनाया एक्शन प्लान
सुल्तानपुर नगर पालिका केश कुमारी बालिका इंटर कॉलेज के पीछे सेल्फ फाइनेंसिंग योजना से 60 दुकानें बनाएगी, जिसकी लागत तीन करोड़ तीन लाख रुपये होगी। ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।
HighLights
नगर पालिका बनाएगी केश कुमारी के पीछे 60 दुकानें।
तीन करोड़ तीन लाख की लागत से होगा निर्माण।
साढ़े पांच लाख में एक दुकान का आवंटन होगा।
संवाद सूत्र, सुलतानपुर। नगर पालिका ने सेल्फ फाइनेंसिंग योजना से पीएम श्री केश कुमारी बालिका इंटर कालेज के पीछे तीन करोड़ तीन लाख की लागत से 60 दुकानों के निर्माण की कार्ययोजना तैयार की है। पालिका ने सोमवार को दुकानों का मानचित्र स्वीकृत करने के लिए अभिलेख विनियमित क्षेत्र को भेजेगी। इसके बाद दुकानों के आवंटन के लिए आवेदकों की तलाश की जाएगी।
एक दुकान करीब साढ़े पांच रुपये में आवंटित होगी। दुकानों के निर्माण के बाद इस स्थल पर रोजगार के द्वार खुलेंगे। यहां दुकानों का संचालन शुरू होने के बाद गोलाघाट, सीताकुंड़, दीवानी व आसपास के मुहल्ले के लोगों को खरीदारी के लिए चौक जाने से छुटकारा मिलेगा। लोगों के दिनचर्या की सारी जरूरतों के सामान इस मार्केट में मिलने की उम्मीद है।
शहर के हनुमानगढ़ी के दुकानदार राजीव श्रीवास्तव, मनीष कसौधन, दिनेश कसौधन, प्रशांत गुप्ता ने बताया कि केश कुमारी के पीछे खाली पड़ी नगर पालिका की भूमि में दुकानों के निर्माण के बाद यहां निश्चित रूप से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। यह स्थान मार्केट के रूप में गुलजार होगा। दुकानों के आवंटी यहां दवा, किराना, जनरल, रेडीमेड कपड़ा, सराफा आदि की दुकानें कर सकेगें। पालिका की यह पहल आवंटियों के लिए हितकर साबित होगी। सभी आवंटी शहर में दुकानें कर रोजगार की तरफ अग्रसर होंगे।
कराई जा चुकी भूमि की माप
अधिशासी अधिकारी लाल चन्द्र सरोज ने बताया कि केश कुमारी स्कूल के पीछे की भूमि की माप कराई जा चुकी है। इस स्थल पर 60 दुकानों का निर्माण कराया जाएगा। विनियमित क्षेत्र से मानचित्र पास कराने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही मानचित्र स्वीकृत हो जाएगा।
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आवंटियों की धनराशि से बनाई जाएंगी दुकानें
नगर पालिकाध्यक्ष प्रवीन अग्रवाल ने बताया कि मानचित्र स्वीकृत होने के बाद निविदा कराई जाएगी। चयनित आवंटियों की धनराशि से दुकानों का निर्माण कराया जाएगा। मार्केट बनने के बाद आवंटियों को दुकानें आवंटित की जाएगी।