सुलतानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे बनेगी इंडस्ट्रियल सिटी, 300 हेक्टेयर भूमि का किया गया अधिग्रहण
सुलतानपुर सदर विधानसभा को 272.25 करोड़ रुपये का इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर मिला है।

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HighLights
272.25 करोड़ का इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर मिला।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे किनारे 300 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित।
स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, युवाओं को रोजगार मिलेगा।
संवादसूत्र, सुलतानपुर। सदर विधानसभा में औद्योगिक विकास और रोजगार को नई गति मिलने की उम्मीद जगी है। विधायक राजप्रसाद उपाध्याय ने बताया कि विधानसभा में पहुंचने के बाद से उन्होंने प्रत्येक सत्र और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के दौरान क्षेत्र में औद्योगिक विकास व रोजगार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
मुख्यमंत्री ने इन प्रस्तावों को गंभीरता से लेते हुए सदर विधानसभा क्षेत्र के लिए 272.25 करोड़ रुपये के इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (आईएमएलसी) की सौगात दी है।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे कारेबन के नाम से औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के को लिए कारेबन, अमिलिया सिकरा, चिरानेडीह, लठ्ठाहवा, बिशुनदासपुर, सेमरी महमूदपुर, सबई और चांदपुर समेत नौ गांवों की करीब 300 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण यूपीडा द्वारा किया गया है। इसमें 90 प्रतिशत से अधिक भूमि का बैनामा यूपीडा के पक्ष में हो चुका है।
मूलभूत सुविधाओ का होगा विकास
यूपीडा ने औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार के लिए करीब 200 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि की मांग की है। इसके लिए नोडल अधिकारी व तहसीलदार मयंक मिश्रा की देखरेख में पूर्व में चिह्नित गांवों में भूमि का सर्वे कराकर रिपोर्ट राजस्व विभाग को उपलब्ध कराई जा चुकी है। संबंधित गजट शीघ्र प्रकाशित होने की उम्मीद है। छह दिसंबर 2023 को पहला गजट प्रकाशित होने के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हुई थी।
औद्योगिक क्लस्टर विकसित होने से जिले में निवेश बढ़ने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है। विधायक ने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों को विधानसभा में उठाकर उन्हें धरातल तक पहुंचाना ही उनका संकल्प है।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताया। इस बजट से औधोगिक क्षेत्र के अंदर ग्यारह किलोमीटर पक्की सड़क, बांदा टांडा हाइवे व पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से औधोगिक क्षेत्र तक फोरलेन सड़क का निर्माण, बिजलीं उपकेंद्र, फायर स्टेशन समेत अन्य मूलभूत सुविधाओ का विकास होगा।
