सुलतानपुर में दिखाने लगा हीट वेव का असर, पहुंचने लगे बुखार-उल्टी और दस्त के मरीज, एक और कोल्ड रूम बनाय
सुलतानपुर में भीषण गर्मी के कारण बुखार, उल्टी और दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल ने इमरजेंसी में आठ बेड का अतिरिक्त कोल्ड रूम ...और पढ़ें

संवाद सूत्र, सुलतानपुर। भीषण गर्मी का दुष्प्रभाव लोगों पर दिखाई दे रहा है। बुखार,उल्टी, दस्त व सांस आदि बीमारियों से पीड़ित मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। मरीजों की संख्या को देखते हुए मेडिकल कालेज अस्पताल की इमरजेंसी में आठ बेड का एक और कोल्ड रूम बनाया गया है।
यहां प्रतिदिन इन्हीं समस्याओं से पीड़ित 30 से 40 मरीज पहुंच रहे हैं। हालांकि इनमें से कई मरीजों को दो से तीन घंटाें के बाद घर जाने की अनुमति दी जा रही है। ओपीडी में भी प्रतिदिन सौ से डेढ़ सौ के लगभग मरीजों को चिकित्सक परामर्श दे रहे हैं।
मुुख्य चिकित्साधीक्षक ने क्या बताया?
मुुख्य चिकित्साधीक्षक डा. एसी गुप्ता ने बताया कि इस समय तापमान चरम पर है। ऐसे में लोगों को लू लगने की संभावना काफी बढ़ गई है। मेडिकल कालेज अस्पताल की ओपीडी में सौ-डेढ़ सौ पीड़ित प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। ऐसे लोगों को दवा के साथ गर्मी से बचाव बेहद जरूरी है।
हीट स्ट्रोक पीड़ितों के लिए यहां एक वार्ड पहले से आरक्षित किया गया है। इसमें एसी, कूलर व पंखे लगाए गए हैं। मरीजों के आने पर उन्हें यहां भर्ती किया जाता है। इसके अलावा ओआरएस घोल इमरजेंसी व न्यू चिकित्सीय विंग में कई स्थानों पर रखा गया है। मरीजों को इसे कई बार पीने की सलाह दी जाती है।
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इमरजेंसी में कई मरीजों को चढ़ाई गई ड्रिप
करौंदिया के नरेश, लाल डिग्गी के मोहन और गाेराबारिक की नगमा को पेट दर्द, ऐंठन, दस्त व उल्टी की समस्या थी। चिकित्सक ने उन्हें दवाएं व ड्रिप चढ़ाने के लिए परामर्श दिया। इसके बाद उन्हें स्ट्रेचर पर लिटाकर इलाज किया गया। हालांकि उन्हें दो-एक घंटे के बाद आराम मिलने पर घर जाने की अनुमति दे दी गई। चिकित्सक डा. तिलक राम ने बताया कि समय से पहुंचने पर मरीजों को घंटों भर्ती होने से राहत मिल जाती है।
हीट वेब के लक्षण
- -तेज बुखार और सिरदर्द
- -अत्यधिक प्यास और पसीना
- -चक्कर और कमजोरी
- -जी मिचलाना या उल्टी होना
- -बेचैनी व मतिभ्रम
हीट वेव से बचाव के उपाय
- -पानी व तरल पदार्थ लेते रहें
- -ओआरएस, नींबू पानी, मट्ठा व नारियल पानी का सेवन करें
- -कड़ी धूप में बाहर निकलने से बचें
- -बहुत जरूरी हो तो छाता, टोपी या गमछा से सिर ढककर निकलें
- -हल्के, ढीले व सफेद रंग के सूती कपड़े पहनें
- -हल्का आहार लें और कच्चा प्याज, मौसमी फल खाएं
- -घर को ठंडा रखें और बाहर से आने के बाद तुरंत ठंडा पानी न पीएं
- -लक्षण दिखते ही तुरंत अस्पताल पहुंचे