सुलतानपुर में अब एक साथ विश्राम कर सकेंगे 94 लोको पायलट, रनिंग रूम में लगाए गए अतिरिक्त बेड
सुलतानपुर रेलवे ने लोको पायलटों और ट्रेन मैनेजरों के लिए 1.97 करोड़ की लागत से नया रनिंग रूम बनाया है। इसमें 40 अतिरिक्त बेड हैं, जिससे अब 94 रेलकर्मी ...और पढ़ें

अब एक साथ विश्राम कर सकेंगे 94 लोको पायलट। AI जेनरेटेड फोटो
HighLights
नया रनिंग रूम 397 लोको पायलटों, ट्रेन मैनेजरों के लिए।
40 अतिरिक्त बेड से अब 94 रेलकर्मी एक साथ विश्राम।
1.97 करोड़ की लागत से बना, पुरानी समस्या का समाधान।
संवाद सूत्र, सुलतानपुर। रेलवे विभाग ने लोको लॉबी में कार्यरत 397 लोको पायलट, सहायक लोको पायलट, ट्रेन मैनेजरों को विश्राम के लिए 24 कमरों के नए रनिंग रूम में रेलकर्मियों को 40 बेड का और तोहफा दिया है। अब तक नौ हाल के 54 बेड पर विश्राम करने में लोको पायलटों को परेशानी होती थी।
नए रनिंग रूम में 40 बेड होने से डयूटी के बाद विश्राम करने में रेलकर्मियों को राहत मिलेगी। ट्रेनों के संचालन के बाद लोको लाबी से अवकाश मिलने पर 94 पायलट और ट्रेन मैनेजर एक साथ नए और पुराने रनिंग रूम में विश्राम कर सकेंगे।
एक करोड़ 97 लाख की लागत से बना है रनिंग रूम
पूर्वी लोको कालोनी में पुराने रनिंग रूम के सामने एक करोड़ 97 लाख की लागत से नए रनिंग रूम की स्थापना की गई है। चार कमरे कर्मियों के लिए हैं और 20 कमरों में लोको पायलटों के विश्राम के लिए दो-दो बेड लगाए गए हैं। जंक्शन पर ट्रेन का संचालन बंद करने के बाद लोको पायलट और ट्रेनें मैनेजर लोको लाबी से अवकाश मिलने पर यहां विश्राम के लिए जाते हैं।
रनिंग रूम में बेड कम होने से होती थी परेशानी
लोको पायलट रवीन्द्र यादव, पंकज पांडेय, प्रशांत कुमार और राकेश मणि यादव ने बताया कि पुराने रनिंग रूम में 54 बेड़ होने से लोको पायलट, सहायक लोको पायलट और ट्रेन मैनेजरों को विश्राम करने में परेशानी होती थी।
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एक हाल में छह बेड लगाए जाने से यहां विश्राम करने वाले रेलकर्मियों को रात समय में प्रसाधन जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब नया रनिंग रूम मिलने से लोको पायलट को विश्राम करने में होने वाली परेशानी से छुटकारा मिलेगा।
लोको पायलटों के हवाले हुआ रनिंग रूम
स्टेशन अधीक्षक वीके गुप्ता ने बताया कि नया रनिंग रूम लोको पायलटों के हवाले हो गया है। अब डयूटी पूरा करने के बाद उन्हें विश्राम करने में राहत मिलेगी।