सुलतानपुर में बारदाना के नाम पर खाद्यान्न चोरी, खामियाजा भुगत रहे कोटेदार, हर बोरी पर 600 ग्राम राशन की कटौती का आरोप
सुलतानपुर में आपूर्ति विभाग और ठेकेदारों की मिलीभगत से खाद्यान्न घोटाले का बड़ा खेल सामने आया है। प्रत्येक बोरी पर 600 ग्राम अतिरिक्त राशन की कटौती कर ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।
HighLights
सुलतानपुर में खाद्यान्न घोटाले का बड़ा खुलासा।
प्रत्येक बोरी पर 600 ग्राम राशन की कटौती।
गरीब कार्डधारकों को कम राशन मिल रहा है।
संवादसूत्र, लम्भुआ (सुलतानपुर)। आपूर्ति विभाग और ठेकेदारों की मिलीभगत से खाद्यान्न घोटाले का बड़ा खेल खेला जा रहा है। होम स्टेप डिलीवरी के माध्यम से कोटेदारों को मिलने वाला खाद्यान्न की बोरी यानी बारदाना के वजन की छूट पूरी तरह हड़प ली जा रही है।
शासनादेश की मानें तो प्रत्येक बोरी पर 600 ग्राम राशन कोटेदारों को अतिरिक्त मिलना चाहिए, जिससे कोटेदार बार दाना से हुए नुकसान की भरपाई कर सके। लेकिन तहसील क्षेत्र के सरकारी राशन की यह कटौती ठेकेदारों की जेब के माध्यम से आपूर्ति महकमे तक पहुंच रही है, जिसका खामियाजा कार्डधारकों को भुगतना पड़ रहा है। कोटेदार 600 ग्राम खाद्यान्न कटौती की जगह एक से दो किग्रा राशन प्रति कार्ड कटौती कर रहे हैं।
गांव में की जा रही आबादी के हिसाब से राशन की आपूर्ति
तहसील में करीब 237 राशन की दुकानें हैं। ठेकेदारों के माध्यम से इन सरकारी दुकानों पर करीब 7716 क्विंटल गेहूं व 11576 क्विंटल चावल होम स्टेप डिलीवरी के माध्यम से पहुंचाया जाता है। आबादी के हिसाब से राशन की आपूर्ति गांव में की जा रही है।
इक्का दुक्का दुकानदारों को छोड़ ठेकेदार की ओर से किसी भी कोटेदार को बारदाना नहीं दिया जाता है। जहां सौ बोरी राशन जाता है, वहां 600 ग्राम की दर से 60 किलो राशन ठेकेदार की ओर से कोटेदार को कम दिया जा रहा है। इस खेल में न केवल कोटेदार पिस रहे हैं, बल्कि गरीब गरीब कार्डधारकों तक भी कम राशन पहुंच रहा है।
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- कार्डधारक पार्वती देवी कहती हैं कि कोटेदार हर महीने दो किलो राशन कम देता है। विरोध करने पर कहते हैं कि जब हमको कम मिलता है तो कहां से देंगे।
- सीतादेवी कहती हैं कि कम राशन मिलने की शिकायत कई बार की गयी लेकिन अधिकारी सब मिले हैं।
- नगर पंचायत के मनोज शर्मा कहते हैं कि आपूर्ति महकमा ठेकेदार के माध्यम से खाद्यान्न की कालाबाजारी करा रहा है भाकियू के जिलाध्यक्ष कमलेश वर्मा कहते हैं कि शासन की मंशानुरूप यदि कोटेदार को राशन नहीं दिया गया तो किसान मामले को लेकर धरना प्रदर्शन करेंगे।
उपजिलाधिकारी प्रीति जैन कहती हैं कि मामले की जानकारी हमें नहीं है मैं इसकी जांच कराऊंगी। जो दोषी होगा कारवाई होगी। जहां भी कोटेदार राशन कटौती कर रहा है, कार्डधारक हमसे लिखित शिकायत करे कार्रवाई होगी।