उन्नाव में 589 संपत्तियां सरकारी भूमि पर वक्फ का कब्जा, UP Govt को रिपोर्ट भेजने के बाद भी जारी मेहरबानी
उन्नाव में सत्यापन के दौरान 589 वक्फ संपत्तियां सरकारी भूमि पर मिलीं, जिनकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। हालांकि, एक साल बाद भी इन कब्जों को हटाने पर क ...और पढ़ें

HighLights
जनप्रतिनिधियों ने कहा वक्फ हो या सामान्य व्यक्ति का सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा उसे हटवाया जाना चाहिए
जिला प्रशासन ने कराया था वक्फ संपत्तियों का सत्यापन, 589 संपत्तियां सरकारी सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर दर्ज मिली थीं
जागरण संवाददाता, उन्नाव। शासन के निर्देश पर नौ जनवरी 2025 में जिले की वक्फ संपत्तियों का तत्कालीन डीएम गौरांग राठी ने वक्फ संपत्तियों का सत्यापन कराया था। जिसमें जिले की सभी छह तहसीलों में 1803 वक्फ संपत्तियां दर्ज मिली। राजस्व विभाग द्वारा किए गए सत्यापन में 589 ऐसी संपत्तियां मिली थीं जो सरकारी सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर दर्ज मिली थीं।
इसकी शासन को रिपोर्ट भी भेजी गई थी। उसके बाद से शासन से उसे खाली कराने की कार्रवाई से संबंधित कोई दिशा निर्देश न आने से फाइल ठंडे बस्ते में है। उधर जनप्रतिनिधियों ने कहा कि अवैध कब्जा चाहे वक्फ हो या फिर किसी अन्य संस्था या व्यक्ति का उसे हटाया जाना चाहिए।
बताते चलें तत्कालीन डीएम गौरांग राठी ने वक्फ संपत्तियों की सूची एवं गजट नोटिफिकेशन के आधार पर वक्फ संपत्तियों का संबंधित भू-अभिलेख एवं सार्वजनिक संपत्तियों से संबंधित अभिलेखों का सत्यापन कराया था। जिसमें कब्रिस्तान, दरगाह आदि में दर्ज 589 ऐसी संपत्तियों मिली थीं जो सार्वजनिक उपयोग की सरकारी भूमि पर दर्ज हैं।
फरवरी 2025 में सत्यापन सूची शासन को भेजी गई थी।सत्यापन रिपोर्ट के अनुसार जो वक्फ संपत्तियां सरकारी सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर मिली थी उनमें सफीपुर में 255, बांगरमऊ में 14, हसनगंज में 02, पुरवा में 156, बीघापुर में 01 तथा सदर तहसील क्षेत्र की 161 संपत्तियां शामिल थीं। जो वक्फ संपत्तियां सरकारी भूमि पर दर्ज मिली हैं उनकी कीमत करोड़ों में है। जो 1803 वक्फ संपत्तियां हैं उनमें 1762 सुन्नी ओर 41 शिया संपत्तियां हैं।
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सांसद डा. साक्षी महाराज और सदर विधायक पंकज गुप्ता ने कहा कि अवैध कब्जा अवैध होता है वह किसी संस्था का हो या फिर सामान्य व्यक्ति का। सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराया जाना चाहिए।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व सुशील कुमार ने बताया कि लगभग एक वर्ष पूर्व शासन के निर्देश पर वक्फ संपत्तियों का सत्यापन करा शासन को रिपोर्ट भेजी गई थी। उसके बाद से भूमि खाली कराने या दोबारा सत्यापन कराने जैसा कोई आदेश नहीं मिला है। अगर शासन कोई आदेश जारी करेगा तो उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।