उन्नाव में 2.2 अरब से 1300 मीटर गढ़ेवा पुल बनेगा एप्रोच मार्ग, छह लाख आबादी को होगी राहत
उन्नाव के गढ़ेवा पुल के एप्रोच मार्ग के निर्माण और विस्तार के लिए 2.10 अरब रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। यह पुल 1300 मीटर बढ़कर 2300 मीटर लंबा होगा, ...और पढ़ें

गढ़ेवा मार्ग बहने के बाद पुल तक पहुंचना मुश्किल । जागरण आर्काइव
HighLights
गढ़ेवा पुल एप्रोच मार्ग के लिए 2.10 अरब का प्रस्ताव।
पुल 1300 मीटर बढ़कर अब 2300 मीटर लंबा होगा।
6 लाख आबादी को 40 किमी चक्कर से मुक्ति।
जागरण संवाददाता, उन्नाव। बीघापुर क्षेत्र में गढ़ेवा डोमनपुर-कानपुर नगर मार्ग व पुल से प्रभावित छह लाख आबादी को जल्द ही राहत होगी। सेतु निगम व लोक निर्माण विभाग ने पुल की सड़क के लिए 88 करोड़ रुपये व पुल के लिए 122 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा है। 1300 मीटर बढ़कर अब यह पुल 1000 मीटर के स्थान पर 2300 मीटर हो जाएगा।
यह पुल गढ़ेवा की तरफ 800 मीटर व कानपुर की तरफ 500 मी बढ़ेगा। इसके बाद भी दोनों तरफ बस्ती तक नहीं पहुंचेगा। इसलिए आगे का मार्ग 88 करोड़ से लोक निर्माण विभाग चौड़ीकरण कराएगा। इस कवायद के साकार होते ही कानपुर व जनपदीय क्षेत्र की जनता आसानी से कानपुर व उन्नाव में आवागमन कर सकेगी।
बीघापुर क्षेत्र में गढ़ेवा डोमनपुर-कानपुर नगर मार्ग पर गढ़ेवा के पास गंगा नदी में बना पुल का एप्रोच मार्ग गंगा नदी की कटान में तीन साल पहले बह गया था। इसके बाद आज तक एप्रोच मार्ग का निर्माण नहीं हुआ है। एप्रोच मार्ग न होने के कारण पुल हवा में लटका है। अब बरसात शुरू हो गई। गंगा का जल स्तर बढ़ रहा है। जिसको लेकर क्षेत्रवासी चिंतित हैं।
मालूम हो कि 2018 में इस पुल का निर्माण हुआ था। जिसके तीन साल बाद 2021 में बरसात में पुल का एप्रोच मार्ग कटान में बह गया था। पुल के दोनों तरफ एप्रोच मार्ग बरसात में कटान की भेंट चढ़ गया था। जिसके कारण इधर से ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह से बंद है। पुल आसमान में टंगा है।
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वहीं लोक निर्माण विभाग व सेतु निगम की शुरू हो चुकी कवायद से जल्द ही बड़ी आबादी को राहत होगी। क्षेत्रीय सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग एचएन मिश्रा ने बताया कि प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। जल्द ही बजट की स्वीकृति मिलने वाली है।
40 किमी का बचेगा चक्कर
गढ़ेवा डोमनपुर-कानपुर नगर मार्ग बह जाने से उन्नाव व कानपुर के लोगों को बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण लगभग 40 किलोमीटर का चक्कर काटकर कानपुर और इधर के लोग उन्नाव की बीघापुर तहसील क्षेत्र के गांव पहुंच रहे हैं।
बीघापुर तहसील के गांव जो हो रहे प्रभावित
तहसील क्षेत्र में पसनिया खेड़ा, रतुआ खेड़ा, पंखूपुर, गढ़ेवा, भागू खेड़ा, पिपरासर, गंगानगर, रामनगर आदि गांव के ग्रामीण इस समस्या से प्रभावित है।