Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    रिंग रोड बनते ही खत्म होगा आजाद मार्ग टोल प्लाजा, जुलाई 2027 तक पूरा होने का दावा, जानें नया टोल कहां बनेगा

    Updated: Sun, 19 Jul 2026 05:20 AM (IST)

    लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर आजाद मार्ग का टोल प्लाजा रिंग रोड के जुलाई 2027 तक पूरा होने के बाद समाप्त हो जाएगा। नया टोल ट्रांस गंगा सिटी के पास बनेगा, ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    HighLights

    1. परियोजना निदेशक एनएचएआइ कानपुर का दावा जुलाई 2027 में बनकर तैयार हो जाएगी रिंग रोड

    2. पैकेज वन में कानपुर नगर व देहात का लगभग 70 प्रतिशत व पैकेज टू बी में उन्नाव में अहम निर्माण पूरे होने के करीब

    3. उन्नाव में आजाद मार्ग के पास लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे से जुड़ेगी रिंग रोड, ट्रांस गंगा सिटी के पस बनेगा रिंग रोड का टोल

    ब्रजेश शुक्ला, उन्नाव। अपनी सुविधाओं और सुगम मार्ग यात्रा के लिए जाने जा रहे लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे का उन्नाव की ओर से पहले इंटरचेंज पर बने टोल प्लाजा के संकरे होने के कारण यहां वाहनों के जाम की समस्या अभी से बनने लगी है। वहीं प्रवेश मार्ग का टोल संकरा होने के कारण यहां दुर्घटनाओं की संभावना प्रबल है।

    फिलहाल टोल अपने कर्मियों से संचालित करवा रहे एनएचएआइ के अधिकारी टोल पर जाम के पीछे फास्टैग रीडिंग में नई व्यवस्था के कारण दिक्कत बता रहे हैं तो संकरे टोल का कारण लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे की ऊपर से तय हुई डिजाइन के आधार पर बनने की बात कहते हैं। वहीं अगले एक साल के अंदर ही उन्नाव में गंगाघाट क्षेत्र अंतर्गत गांव कडेर पतारी में कानपुर-लखनऊ हाईवे से जुड़कर इंटरचेंज की सुविधा दे रहे पहुंच मार्ग से टोल प्लाजा ही समाप्त कर दिया जाएगा।

    परियोजना निदेशक भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लखनऊ नकुल वर्मा का कहना है एक्सप्रेसवे का यह टोल कानपुर देहात, कानपुर नगर के बाद उन्नाव में 27 किमी (कुल 93 किमी) की बन रही रिंग रोड के लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे में जुड़ते ही समाप्त कर दिया जाएगा। पीडी का कहना है कि यहां रिंग रोड, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे व कानपुर-लखनऊ हाईवे से जुड़ेगी।

    एक बड़ा इंटरचेंज इसी स्थान पर बन जाएगा। चूंकि यह तीनों मार्ग ही एनएचएआइ के हैं, इसलिए लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का टोल यहां से हट जाएगा। क्योंकि रिंग रोड पर पड़ने वाले टोल को चुकाने के बाद वाहन सवारों को कानपुर-लखनऊ हाईवे, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर टोल देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

    खबरें और भी

    पीडी का दावा है कि एक साल के अंदर रिंग रोड उक्त स्थान पर दोनों मार्गों से जुड़ जाएगी। जिससे यहां एनएचएआइ के तीन मार्ग का संगम होगा और एक बड़ा और विहंगम स्थान बन जाएगा। जिसके बाद किसी प्रकार से संकरा मार्ग अथवा टोल वाली स्थिति समाप्त हो जाएगी।

    काम की इस स्थिति के साथ जुलाई 2027 में पूरी होकर एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगी रिंग रोड

    आउटर रिंग रोड का निर्माण नेशनल हाईवे प्राधिकरण कानपुर युनिट के अंतर्गत करवाया जा रहा है। पीडी एनएचएआइ कानपुर यूनिट पंकज यादव ने बताया कि यह परियोजना कानपुर देहात व नगर के साथ उन्नाव में आकर एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगी। परियोजना के अंतर्गत पैकेज वन में कानपुर नगर व देहात में लगभग 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। वहीं पैकेज टू बी जिसमें उन्नाव का 27 किमी क्षेत्र है वहां भी अहम निर्माण 70 प्रतिशत पूरे किए जा चुके हैं।

    ट्रांस गंगा सिटी के पास रास्ते के लिए डाले पियर कैप

    उन्नाव में सहजनी के पास रेलवे क्रासिंग के ऊपर से निकलने के लिए पियर, कालम डालकर फ्लाईओवर बनाए जाने के लिए अहम काम पूरे कर लिए गए हैं। वहीं ट्रांस गंगा सिटी के पास रास्ते के लिए पियर कैप डाले जा चुके हैं। वहीं मार्ग निर्माण में मिट्टी का कार्य लगभग पूरा है। इसके बाद कुछ स्थानों पर डीपीसी (डेंस ग्रेडेड सीमेंटेड मैकेडम) बिछाए जाने का काम भी शुरू कर दिया गया है। सहजनी मार्ग को क्रास कर रहे रिंग रोड का रास्ता इस सड़क के ऊपर से जा रहा है। इसके लिए यहां भी अंडरपास का काम पूरा कर लिया गया है।

    ट्रांस गंगा सिटी के पास बनेगा रिंग रोड का टोल

    रिंग रोड का टोल ट्रांसगंगा सिटी के पास बनने की जानकारी पीडी पंकज यादव ने दी। बताया कि कानपुर देहात, बिठूर, कन्नौज आदि क्षेत्रों से आ रहे और लखनऊ, रायबरेली आदि स्थानों को जा रहे वाहनों को यहीं टोल चुकाना होगा। जिसके बाद वह वाहन एक्सप्रेसवे, हाईवे आदि मार्गों पर बिना रुके सफर कर सकेंगे।

    तो और कम हो जाएगा हाईवे का बोझ

    पीडी पंकज यादव ने बताया रिंग रोड बनने के बाद लखनऊ, रायबरेली से हाइवे अथवा एक्सप्रेसवे से आ रहे वाहनों को कानपुर के जाजमऊ क्षेत्र में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एक्सप्रेसवे से ही वाहन कानपुर देहात, कन्नौज, फरुर्खाबाद, शिकोहाबाद आदि स्थानों को रिंग रोड पकड़कर चले जाएंगे। इससे कानपुर-लखनऊ हाईवे पर वाहनों का बोझ और हल्का हो जाएगा।