UP को मिली नई रफ्तार! लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे जनता को समर्पित, रक्षा मंत्री, परिवहन मंत्री और सीएम ने किया लोकार्पण
सोमवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्नाव में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया। ...और पढ़ें

HighLights
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और सीएम योगी ने किया लोकार्पण।
उन्नाव के पड़री खुर्द में लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन हुआ।
जनप्रतिनिधियों से मुलाकात के बाद नेता एक्सप्रेसवे से लखनऊ वापस लौटे।
जागरण संवाददाता, उन्नाव। सोमवार को दोपहर 3.40 बजे रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व उपमुख्यमंत्री ने पड़री खुर्द ग्राम पंचायत के मजरे झाऊ खेड़ा स्थित कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। तीनों ने फीता काटकर लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया। फीता काटने के साथ ही जनपद के जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की। इसके बाद सभी लोग वाया एक्सप्रेसवे सड़क से अपने वाहनों व फ्लीट के साथ वापस लखनऊ लौट गए।
एआई जैसी उत्कृष्ट निर्माण तकनीकी से चर्चा में चल रहे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे पर फर्राटा भरने के लिए व्याकुल आम जनमानस को समर्पित कर दिया गया है। सोमवार को दोपहर 3.40 बजे रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संयुक्त रूप से एक्सप्रेसवे पर फीता काटा। लोकार्पण होते ही 14 जुलाई की सुबह से यह आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
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उन्नाव में पड़री खुर्द ग्राम पंचायत के मजरे झाऊ खेड़ा में एनएचएआइ की संरक्षित पांच बीघा जमीन पर यह कार्यक्रम हुआ। यहां तीन हेलीपैड बनाए गए थे। यहां पर मंत्रियों द्वारा फीता काटने की कार्रवाई के साथ जनपद के जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की। इसके बाद सभी लोग वाया एक्सप्रेसवे सड़क अपने वाहनों व फ्लीट के साथ वापस लखनऊ लौट गए। जहां लखनऊ के सरोजिनी नगर स्थित सैनिक स्कूल के पास एक्सप्रेसवे का विधिवत लोकार्पण किया जाएगा। इसके बाद यहां तय जनसभा कार्यक्रम में मंत्री, मुख्यमंत्री व राज्यपाल जनता को भी संबोधित करेंगे।

एक्सप्रेसवे के बारे में जानें इन आंकड़ों से
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| परियोजना में प्रमुख संरचनाएं | 3 बड़े पुल, 28 छोटे पुल, 38 अंडरपास और 6 फ्लाईओवर |
| निर्माण अनुबंध | मार्च 2022 में पीएनसी इंफ्राटेक को एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए 2 अनुबंध मिले |
| कुल अनुमानित लागत | 4,700 करोड़ रुपये |
| उन्नाव क्षेत्र में लागत | लगभग 1,600 करोड़ रुपये |
| कुल लंबाई | 62.764 किमी |
| लेन | 6 लेन (भविष्य में 8 लेन तक विस्तारित की जा सकती हैं) |
| स्वामी | एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) |
| परियोजना मॉडल | ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एवं कंस्ट्रक्शन) |
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एक्सप्रेसवे पर कहां क्या
यह एक्सप्रेसवे कानपुर और लखनऊ को जोड़ रहा है। कुछ स्थानों को छोड़कर दोनों शहरों को जोड़ने वाले एनएच-27 के समानांतर चल रहा है। एक्सप्रेसवे बनने के बाद उन्नाव के बनी से पुरवा होकर आजाद मार्ग चौराहे पर आ रही यह सड़क नेशनल हाइवे से लगभग 8.5 किलोमीटर की दूरी है। वहीं बनी के बाद लखनऊ के शहीद पथ तक 18 किमी यह एक्सप्रेसवे एनएच के ऊपर ही है।
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47 सौ करोड़ से बना एक्सप्रेसवे
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए 4,700 करोड़ रुपये का बजट खर्च किया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) के अनुसार, एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य जनवरी 2022 में शुरू हुआ था। जबकि, इस राजमार्ग को बनाए जाने की आधारशिला मार्च 2019 और फिर 5 जनवरी 2022 को रखी गई थी। जिसके बाद दिसंबर 2020 में इसे आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे छह के रूप में नामित किया गया।
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दो चरणों में हुआ था काम
इस परियोजना के निर्माण के लिए दो चरणों या पैकेजों में काम किया गया। पैकेज एक और दो दोनों के लिए 2.5 वर्ष की समय सीमा निर्धारित की गई थी। हालांकि बनकर तैयार होने में एक्सप्रेसवे को लगभग चार साल का समय लग गया। पहले चरण की अनुमानित लागत 1675.18 करोड़ रुपये जबकि, दूसरे चरण की अनुमानित लागत लगभग तीन हजार करोड़ रुपये रही। जिसमें लखनऊ के शहीद पथ को कानपुर में गंगा पुल के पास स्थित आजाद चौराहा से जोड़ने के लिए एक छह लेन का, पहुंच-नियंत्रित एक्सप्रेसवे विकसित किया गया।
अब लखनऊ की दूरी महज 45 मिनट में पूरी
सड़क मार्ग से लखनऊ से कानपुर की दूरी 93 किलोमीटर है और हवाई दूरी 77 किलोमीटर है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इससे दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय दो घंटे से घटकर 45 मिनट हो जाएगा। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की लंबाई 63 किलोमीटर है। इसमें 18 किलोमीटर का एलिवेटेड रूट और 45 किलोमीटर का नया खंड अविकसित भूमि पर बनाया गया है।