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    Lucknow-Kanpur Expressway की बड़ी खामी आई सामने! जगह-जगह जलभराव, डिवाइडर किनारे जमा पानी ने खामियां उजागर कीं

    Updated: Tue, 28 Jul 2026 07:56 PM (IST)

    लखनऊ-एक्सप्रेसवे पर उन्नाव के आजाद मार्ग से बनी तक कई स्थानों पर जलभराव की समस्या सामने आई है, जिससे सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। निर्माण में ...और पढ़ें

    लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर कोरारी से लखनऊ की ओर सड़क धंसने के बाद किया जा रहा मरम्मतीकरण कार्य। कर्मी

    लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर कोरारी से लखनऊ की ओर सड़क धंसने के बाद किया जा रहा मरम्मतीकरण कार्य। कर्मी

    HighLights

    1. उन्नाव में लखनऊ-एक्सप्रेसवे पर कई जगह जलभराव की समस्या

    2. डिवाइडर के पास पानी रुकने से निर्माण में खामियां उजागर

    3. एक्सप्रेसवे निर्माण की सीबीआई जांच की मांग वाला पत्र प्रसारित

    जागरण संवाददाता, उन्नाव। लखनऊ-एक्सप्रेसवे पर मार्ग कई स्थानों पर धंसने की समस्या तो आ ही रही है। वहीं निर्माण एजेंसी अब भी एक्सप्रेसवे की एक बड़ी खामी को अनदेखा कर रही है। एक्सप्रेसवे की सड़क पर उन्नाव के आजाद मार्ग से लेकर बनी तक जगह-जगह वर्षा का जलभराव देखा जा रहा है। यह जलभराव मार्ग के किनारे डिवाइडर के पास अधिकांश रूप से है। जहां पानी रुक रहा है। वह स्थान में निर्माण की खामी की ओर इशारा कर रहे हैं।

    जबकि, एक्सप्रेसवे पर पानी न रुके इसके लिए जगह-जगह गड्ढे देकर नीचे पाइप भी गई हैं। बावजूद वर्षा का जल गोले व आयाताकार के अलावा अन्य आकृतियों में रुक रहा है। जहां यह पानी रुक रहा है। वहां जानकारों के मुताबिक जल्द ही सड़क का डामर व गिट्टी कमजोर होकर वाहन निकलने से गड्ढों में तब्दील हो सकता है।

    एक्सप्रेसवे मार्ग पर जलभराव स्थानों पर कहीं न कहीं सड़क के डामर के दबने के बाद ही पानी जमा होने का स्थान बन रहा है। यह बात अलग है कि पानी जमा होने वाले स्थानों पर वाहनों के पहिए कम पड़ते हैं। वाहनों के पहिए कम पड़ने का कारण है कि जल जमा होने के अधिकांश स्थान उन्नाव से लखनऊ व लखनऊ से उन्नाव लेन को बांट रहे डिवाइडर से सटे हैं।

    धंसी सड़क पर डामरीकरण की हुई फिनिशिंग

    कोरारी टोल से लखनऊ की ओर चलने के एक किमी बाद 30 मीटर तक धंसी सड़क का मरम्मतीकरण कार्य जहां कार्यदायी एजेंसी पीएनसी ने रविवार को शुरू कर दिया था। एक्सप्रेसवे मार्ग पर जहां 64.4 किमी पर सड़क का डामर दबने की खामी आई थी। उसे रविवार को ही काम करवाकर सही करवा दिया गया था। हालांकि काम होने के बाद इस स्थान पर बिछाई गई डामर की परत सड़क मार्ग के समतल नहीं हो पाई। जिससे वाहनों में उछाल की समस्या आने लगी थी। इसीलिए इस खामी को दूर करने के लिए दोबारा नए डामर को हटाकर फिर से डामरीकरण किया गया। इसके बाद इस स्थान पर डामरीकरण का सोमवार देर शाम फिनिशिंग का कार्य भी सोमवार को हुआ।

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    एक्सप्रेसवे कार्य की सीबीआइ जांच को प्रसारित हुआ पत्र

    इंटरनेट मीडिया पर एक पत्र मंगलवार को प्रसारित हुआ। मुख्यमंत्री को लिखे इस पत्र पर पूर्व एमएलसी दीपक सिंह, पूर्व सभापति विनियमन समीक्षा समिति, विधान परिषद पदनाम के साथ सरकार से एक्सप्रेसवे निर्माण की जांच सीबीआइ से करवाने की मांग की गई है। पत्र में एक्सप्रेसवे बनवाने वाली एजेंसी पीएनसी के प्रमोटर को सांसद बताते हुए राजनैतिक प्रभाव पर भी सवाल उठाया है।

    मार्ग पर जल जमाव की स्थिति को गंभीरता के साथ दिखवाते हैं। वैसे वर्षा का पानी एक्सप्रेसवे मार्ग पर न रुके इसके लिए पाइप व नालियां दी गई हैं। जहां जलभराव हो रहा है। वहां के पाइप नाली के मुहानों पर पत्ते और कूड़ा आदि आ गया होगा। इसकी सफाई करवाई जाएगी। कोरारी टोल के पास जहां सड़क धंसने की समस्या आई थी। उस कार्य की फिनिशिंग भी सोमवार देर शाम करवा दी है। अब संबंधित स्थान पर कोई समस्या नहीं आएगी।
    - वी कुंडू-प्रोजेक्ट मैनेजर एनएचएआइ