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    उन्नाव में मौरावां बाईपास निर्माण को मिली मंजूरी, भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया जल्द शुरू

    Updated: Mon, 02 Feb 2026 11:55 PM (IST)

    उन्नाव के मौरावां में 11.77 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बाईपास को शासन से मंजूरी मिल गई है। लोक निर्माण विभाग ने ई-टेंडरिंग के लिए नोटिस जारी कर ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. पांच लाख आबादी व यातायात को राहत देगा 11.77 करोड़ से बनने जा रहा मौरावां बाईपास

    2. शासन से ईएफसी होने के बाद पक्का हुआ बाईपास निर्माण

    3. अधीक्षण अभियंता लोनिवि ई-टेंडरिंग को जारी की नोटिस

    ब्रजेश शुक्ला, उन्नाव। जनपद की विधानसभा पुरवा सहित जनपदवासियों को एक और बाईपास की सौगात मिलने जा रही है। यह बाईपास मुख्यत: माैरावां क्षेत्र में बनेगा। बाईपास बनाए जाने के लिए शासन से ईएफसी की स्वीकृति हो चुकी है। बाइपास बनाये जाने में के लिए 11.77 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

    बाईपास बनवाए जाने के लिए कार्यालय अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग ने ई-टेंडरिंग के लिए निविदा आमंत्रित करते हुए नोटिस जारी की है। वहींं बाईपास बन जाने से मौरावां कस्बे में मोतेश्वर मंदिर से बस स्टेशन तक रोज लगने वाले जाम से अब मुक्ति मिलेगी।


    पीडब्ल्यूडी विभाग अब कस्बे के भीतर जाने वाले भारी वाहनों की रोकथाम के लिए बाईपास बनाएगा। यह बाईपास बसहा तिराहे से लखनऊ मार्ग चंदनखेड़ा मोड़ तक बनेगा। जिसकी लंबाई 2.600 किमी व चौडाई 10 मीटर होगी। इस मार्ग के बनने में इसकी जद में आने वाली कृषि भूमि के मालिकों को विभाग द्वारा मुआवजे की रकम दी जायेगी।

    इसके अलावा हिलौली ब्लाक चौराहे के सुधार का कार्य भी प्रस्तावित है। जहां पर इसी बाईपास से जुड़े चौराहे का निर्माण किया जायेगा। जेई सौरभ सक्सेना ने बताया बाईपास स्वीकृत है। इस पर भूमि का अधिग्रहण प्रक्रिया के बाद शीघ्र कार्य शुरू कराया जायेगा। वहीं हिलौली चौराहा निर्माण की स्वीकृति अभी मिलना बाकी है।

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    लगभग पांच हेक्टेयर भूमि का होगा अधिग्रहण

    बाईपास बनवाए जाने के लिए फिलहाल विभाग के पास भूमि की व्यवस्था नहीं है। जिसके लिए लोक निर्माण विभाग बाईपास बनाए जाने के लिए किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। बाईपास जहां 2600 मीटर लंबा होगा। वहीं 10 मीटर डामर मार्ग के अलावा अगल-बगल की अतिरिक्त 10 मीटर भूमि का प्रबंध करते हुए अधिग्रहण किया जाएगा। जिससे भविष्य में इस मार्ग को आवश्यकता पड़ने पर और चौड़ा अथवा विस्तारित किया जा सके। मौजूदा समय जहां बाईपास का निर्माण होना स्वीकृत है। वहां पर अभी खेतिहर भूमि ही है। जेई का कहना है कि बीच में कहीं वन विभाग की जमीन भी नही है।

    बस्ती से बाहर का आवागमन सहित बाइपास से पांच लाख की आबादी को राहत

    बाईपास बन जाने के बाद उन्नाव से लखनऊ जाने वाले तमाम वाहनों समेत भारी वाहन, पुरवा मौरावां के लोकल वाले वाहन आदि मौरावां होकर लखनऊ निकल जाएंगे। वहीं रायबरेली जनपद वाले गुरुबक्शगंज होते हुए मौरावां मार्ग आएंगे। यहां पर संबंधित वाहनों को अब बस्ती के अंदर आने की अवाश्यकता नहीं होगी। बाईपास बन जाने के बाद यह सभी वाहन बसहा तिराहे से बाइपास पकड़कर सीधे लखनऊ अथवा मोहनलालगंज निकल जाएंगे। इसी प्रकार संबंधित वाहनों का वापसी रूट निर्धारित होगा। जिससे कस्बे में लगने वाले जाम की समस्या का स्थाई समाधान हो जाएगा।