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कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मिट्टी कटने से धंसने लगे किनारे, अब तक सड़क के 149 जगहों पर लग चुकी पैचिंग

Updated: Tue, 25 Aug 2026 02:21 PM (IST)

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर उन्नाव में अब सड़क के किनारे धंसने लगे हैं, जिसका मुख्य कारण मिट्टी का कटाव और खराब ...और पढ़ें

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर कई जगहों पर धंसी सड़क।

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर कई जगहों पर धंसी सड़क।

HighLights

  1. एक्सप्रेसवे किनारे धंस रहे, मिट्टी खिसकने से सड़क लटकी।

  2. खराब ड्रेनेज सिस्टम और मिट्टी कटाव मुख्य कारण।

  3. निर्माण में मिट्टी कंपेक्शन की कमी उजागर हुई।

जागरण संवाददाता, उन्नाव। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर उन्नाव से लखनऊ लेन की सड़क अभी तक बीच में और सर्विस लेन में धंस रही थी, अब किनारों में धंसने लगी है। मिट्टी नीचे धसकने से सड़क कई जगह लटक सी गई है।

यह समस्या वर्षा के बाद किनारे पर बड़ी मात्रा में मिट्टी बहने व कटने के बाद आई है। इसका मुख्य कारण निर्माण एजेंसी की ओर से बरसात के पानी को निकालने के लिए बनाया गया लचर ड्रेनेज सिस्टम है।

अधिकांश स्थानों पर ड्रेनेज पाइप चोक हो गए हैं। कुछ जगह पाइप टूटकर टुकड़ों में बंट रहे हैं। इससे एक्सप्रेसवे का पानी उचित रास्ते से न बहकर ढलान की मिट्टी को बहा रहा है।

149 स्थानों पर धंस चुकी है सड़क

मार्ग पर अब तक 149 स्थानों पर धंसने की समस्या आने के बाद यहां पैंचिंग की जा चुकी है। इनमें 57 स्थान तो ऐसे हैं जहां मार्ग पर आई व्यापक समस्या के बाद 100 से एक कमी तक बड़ी पैचिंग की गईं हैं।

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कई जगहों पर अब तक दिक्कत आ चुकी है। एनएचएआइ के परियोजना निदेशक नवरत्न ने बताया कि मार्ग की ढलान पर मिट्टी कटने व बहने की समस्या खत्म करने के लिए ठीक से मिट्टी भराई की जा रही है। दावा किया कि जल्द ही मार्ग दुरुस्त कर दिया जाएगा।

कई स्थानों पर सड़क लटक चुकी

एक्सप्रेसवे पर बीते सात दिन के बीच सड़क किनारे ढलान की मिट्टी 10 से 30 मीटर तक खिसकने के बाद कई स्थानों पर सड़क लटक चुकी है। इसके बाद विशेषज्ञों द्वारा एक्सप्रेसवे मार्ग निर्माण में मानक अनुरूप मिट्टी का कंपेक्शन (मिट्टी की भराई व दबाई) न किए जाने की हकीकत सामने आने लगी है।

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90 किमी मार्ग पर पैचिंग के भरोसे चल रहा यातायात

विशेषज्ञों ने ग्रीन फील्ड हिस्से के पूरे मार्ग में मिट्टी को सही ढंग से कंपेक्शन न किए जाने का दावा किया था, जिसके कारण मार्ग के दबने, धंसने, फटने व जर्क आदि आने की समस्याओं में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के ग्रीन फील्ड क्षेत्र में जहां आवागमन के 90 किमी मार्ग पर पैचिंग के भरोसे सुगम यातायात का दावा चल रहा है।

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