उन्नाव के चर्चित 'बबुरहा जहर कांड' में बची इकलौती गवाह रोशनी की मौत, सूने घर में संदिग्ध हालात में फंदे पर लटका था शव
उन्नाव के चर्चित बबुरहा जहर कांड की इकलौती जीवित गवाह 19 वर्षीय रोशनी ने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिवार ने मानसिक परेशानी और मिर्गी के दौरे ...और पढ़ें

रोशनी की फाइल फोटो। पुलिस
HighLights
वर्ष 2021 में एक युवक ने तीन युवतियों को जहरीला पानी मिलाकर पिलाया था, दो की हो गई थी मौत
इलाज के बाद जीवित बची युवती ने बुधवार दोपहर स्वजन की गैरमौजूदगी में की खुदकुशी
कीटनाशक देने वाला आरोपित विनय डेढ़ माह पहले ही जमानत पर जेल से छूटा था
संवाद सहयोगी, पुरवा (उन्नाव)। असोहा क्षेत्र में लगभग साढ़े पांच वर्ष पहले हुए बबुरहा कांड में जीवित बची 19 वर्षीय युवती रोशनी ने बुधवार दोपहर घर के कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। स्वजन मिर्गी के दौरे आने से परेशान होकर युवती के जान देने की बात कह रहे हैं। पीआरवी ने कमरे का दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला। फोरेंसिक टीम के साक्ष्य संकलन के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
पूर्व में हुई घटना में एक युवक ने रोशनी समेत तीन युवतियों को पानी में कीटनाशक मिलाकर पिला दिया था। दो की मौत हो गई थी, रोशनी बच गई थी। कीटनाशक देने वाला आरोपित डेढ़ माह पहले ही जमानत पर जेल से छूटा है। अब इस घटना के बाद फिर से बबुरहा कांड की यादें ताजा हो गई। पूरे दिन गांव में इसकी चर्चा तेज रही।
असोहा क्षेत्र के बबुरहा गांव निवासी 19 वर्षीय रोशनी बुधवार को घर पर अकेली थी। मां गंगाजली मवेशी चराने खेत गई थी, जबकि अन्य स्वजन भी बाहर थे। दोपहर लगभग 12 बजे मां घर पहुंची तो रोशनी के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। आवाज देने पर रोशनी ने कोई जवाब नहीं दिया। अनहोनी की आशंका पर मां ने पुलिस को इसकी जानकारी दी।
पीआरवी मौके पर पहुंची और दरवाजा खुलवाने को आवाज दी। कोई प्रतिक्रिया न होने पर दरवाजे को तोड़ दिया। अंदर पहुंची पुलिस तो देखा कि रोशनी का शव छत के कुंडे में चुनरी से लटक रहा है। मां गंगाजली ने बताया कि बेटी कुछ दिनों से मानसिक रूप से परेशान थी। उसको मिर्गी के दौरे भी आते थे, जिसका उपचार भी चल रहा था। बेटी ने यह कदम क्यों उठाया इसकी जानकारी नहीं है।
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वहीं ग्रामीणों में किसी युवक से मित्रता होने व इसी बात को लेकर स्वजन से कोई विवाद होने पर यह कदम उठाने की भी चर्चा है। रोशनी की मौत से मां गंगाजली, भाई विशाल, विकास, बहन कुसमा, सुषमा व रागिनी बेहाल हैं। एसओ फूल सिंह ने बताया कि स्वजन ने मिर्गी के दौरे आने से मानसिक परेशानी के चलते खुदकुशी करने की आशंका जताई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
17 फरवरी 2021 को हुआ था बबुरहाकांड
असोहा के बबुरहा गांव में 17 फरवरी 2021 को रोशनी अपने ही परिवार की दो युवतियों के साथ खेत में चारा लेने गई थी। पड़ोसी गांव पाठकपुर निवासी विनय उर्फ लंबू अपने गांव के ही साथी सचिन के साथ वहां पहुंचा था और तीनों युवतियों को पानी में कीटनाशक मिलाकर पिला दिया था। उस समय पुलिस ने बताया था कि विनय ने एकतरफा प्यार में इस घटना को अंजाम दिया।
दो की हो गई थी मौत
कीटनाशक मिला पानी पीने से दो युवतियों की मौत हो गई थी, जबकि रोशनी एक सप्ताह तक कानपुर स्थित एलएलआर अस्पताल में उपचार के बाद जीवित बच गई थी। तत्कालीन आइजी लक्ष्मी सिंह ने तीन दिन बाद घटना का राजफाश करते हुए विनय उर्फ लंबू व उसके साथी सचिन को जेल भेजा था। साढ़े पांच वर्ष बाद बुधवार को रोशनी के खुदकुशी करने से एक बार फिर बबुरहा गांव उसी कड़ी से जुड़ गया।
डेढ़ माह पूर्व ही जेल से बाहर आया विनय
विनय उर्फ लंबू लगभग डेढ़ माह पूर्व जेल से जमानत पर बाहर आया है, लेकिन वह गांव में नहीं रह रहा था। ग्रामीणों के अनुसार वह लखनऊ में किसी रिश्तेदार के घर में था। उसका साथी सचिन उस समय नाबालिग होने पर लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व बाल सुधार गृह से बाहर आ गया था।
साढ़े पांच वर्ष पूर्व बची जान, अब चली गई
फरवरी 2021 में हुई घटना के बाद पकड़े गए हत्यारोपित विनय उर्फ लंबू ने पुलिस को बताया था कि वह रोशनी से प्रेम करता था। उसके मना करने पर सिर्फ उसे ही मारना चाहता था, लेकिन जहरीला पानी तीनों युवतियों के पीने से दो की मौत हो गई थी, रोशनी की जान बच गई थी। ग्रामीणों में चर्चा है कि भगवान के आगे किसी की नहीं चलती। रोशनी को साढ़े पांच वर्ष और जीवित रहना था, नहीं तो जिसे मारने का षड़यंत्र रचा गया वही कैसे बच जाती। चर्चा है कि स्वजन रोशनी की शादी की भी योजना बना लड़का देख रहे थे, लेकिन इससे पहले ही रोशनी ने खुद की जीवनलीला समाप्त कर ली।