Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    UP Religious Conversion: आखिर क्यों हो रहा मतांतरण? यूपी में प्रार्थना सभाओं में चल रही गहरी साजिश

    Updated: Tue, 06 Jan 2026 12:27 AM (IST)

    उत्तर प्रदेश के उन्नाव, फतेहपुर, चित्रकूट, कानपुर देहात और कन्नौज में ईसाई मिशनरियों द्वारा प्रार्थना सभाओं के माध्यम से कथित मतांतरण की साजिश गहरी हो ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    HighLights

    1. मतांतरण का दीमक चाट रहा धर्म, प्रमाण न मिलने की आड़ में बच निकलती पुलिस

    2. उन्नाव, चित्रकूट, फतेहपुर और कन्नौज जनपद में भी कई बार पकड़ा जा चुका खेल

    जागरण संवाददाता, उन्नाव। यूपी में मतांतरण को लेकर गहरी साजिश का हर रोज पर्दाफाश हो रहा है। कानपुर व चित्रकूट धाम मंडल के साथ फतेहपुर, कन्नौज व उन्नाव में ईसाई मिशनरी प्रार्थना सभाओं से मतांतरण की साजिश और गहरी होती जा रही है। एक के बाद एक मामले सामने आने के बाद हिंदू संगठन विरोध कर रहे। मामले में केस दर्ज होता और आरोपितों को जेल भेज दिया जाता। लेकिन सवाल खड़ा होता है कि आखिर पुलिस प्रशासन को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगती? अब ऐसा ही मामला कानपुर देहात में सामने आया है। कन्याओं की शादी में सहयोग व कंबल बांट कर वंचित वर्ग का मतांतरण करवाया जा रहा है।

    इन्हें बनाते शिकार

    मतांतरण कराने वाले लोग उन्हें अपना शिकार बना रहे, जो गरीब हैं। उनको सिलाई मशीन, प्रतिमाह 1500 से 2000 रुपये के प्रलोभन से प्रार्थना सभा में बुला रहे हैं। इससे वह शिकायत नहीं करते। उन्नाव के दही क्षेत्र के घटोरी में ईसाई मिशनरी की प्रार्थना सभा में 70-80 लोगों को बीमारी भगाने के नाम पर इकट्ठा कर उन्हें देवी-देवताओं के प्रति भड़काने को लेकर हंगामा हुआ।

    यहां आ चुके मामले

    फतेहपुर, चित्रकूट, कन्नौज में घटनाएं सामने आ चुकी हैं। प्रमाण मिलने के बाद भी पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी कार्रवाई नहीं कर पा रहे, क्योंकि शिकायत करने वाले नहीं मिलते। कहीं शिकायत करने वाले मिले भी तो साक्ष्य नहीं जुटा पाते हैं।

    पुलिस को मिले कई साक्ष्य

    उन्नाव में एक सप्ताह के अंतराल में बजरंग दल के पदाधिकारियों ने दो जगहों पर खेल को पकड़ा। सीधे तौर पर मतांतरण का आरोप लगा पुलिस को सूचना दी। पुलिस को प्रार्थना सभा में बाइबिल व ईसाई मत की पुस्तकें व अन्य साक्ष्य मिले, लेकिन वहां मौजूद लोग मतांतरण की बात से सीधे मुकर गए।

    खबरें और भी

    नहीं करती जांच

    पुलिस ने दूसरे धर्म के लोगों को ईसाई मिशनरी की प्रार्थना सभा में क्यों इकट्ठा किया गया, इसकी जांच करनी उचित नहीं समझी। यही वाकया रविवार को दही क्षेत्र के घटोरी गांव में देखने को मिला। यहां भी बंद चहारदीवारी में टिनशेड के अंदर 70-80 लोगों को इकट्ठा कर प्रार्थना सभा का हिस्सा बनाया गया था।

    नहीं था अनुमति पत्र

    बजरंग दल के संयोजक नितिन शुक्ल ने विरोध किया तो अंदर मौजूद लोगों ने एकजुट होकर सभी को लौटने के लिए कहा। नायब तहसीलदार सदर यशवंत सिंह को संचालक नीरज कुमार आयोजन का अनुमति पत्र नहीं दिखा पाया। सोमवार सुबह पुलिस ने नौ नामजद व 60 अज्ञात लोगों ने पर निषेधाज्ञा उल्लंघन का मुकदमा दर्ज किया। मतांतरण पर ठोस कार्रवाई न होने की बात कह बजरंग दल के लोगों ने डीएम व एसपी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।

    इधर, किसरवल का धार्मिक स्थल भी रडार पर

    कानपुर देहात के रनियां के किसरवल स्थित धार्मिक स्थल का वीडियो प्रसारित हो गया। क्रिसमस पर यहां कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जबकि प्रत्येक रविवार को प्रार्थना सभा का आयोजन भी किया जाता था। एक माह में किन लोगों की अधिक आवाजाही रही और कहीं मतांतरण के तार यहां से तो नहीं जुड़े हैं इसकी जांच पुलिस कर रही है। हालांकि प्राथमिक जांच में ऐसे सुराग पुलिस को नहीं मिले हैं।

    पानी में डुबो या छिड़ककर बपतिस्मा कर कराते थे शुद्धीकरण

    नवाकांति सोसायटी के आरोपित व पादरी हरिओम त्यागी लोगों को प्रलोभन देकर उनका मत बदलता था। समाज के वंचित लोग इनके निशान पर होते थे। जब लोग अपना मत बदलने को तैयार हो जाते थे तो बपतिस्मा कराया जाता था। इसका मतलब होता है शुद्धीकरण, व्यक्ति को पानी में डुबोया जाता था या फिर पानी छिड़का जाता था, इसके बाद आरोपित कहते थे कि तुम अब परमेश्वर यीशु के परिवार में शामिल हो गए हो। सारी अशुद्धि दूर हो गई है।

    जानें कब और कहां पकड़े गए मामले

    • कानपुर देहात में नवाकांति सोसायटी के नाम पर कौशल प्रशिक्षण और मदद का लालच देकर गरीब लोगों का मतांतरण में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। 
    • फतेहपुर जनपद में 28 दिसंबर 2025 को देवीगंज स्थित इंडियन प्रेस ब्रिटीरियन चर्च में मतांतरण का खेल पकड़ा गया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर पादरी डेविड ग्लेडविन, उसके पुत्र अभिषेक ग्लेडविन व केके बंगाली को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
    • चित्रकूट जनपद के थाना अहिरी क्षेत्र में 31 अगस्त 2025 को बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने फूलचंद्र, राजकुमार पटवा, बाबूलाल और संतलाल को पुलिस के हवाले किया। आरोप लगाया कि वंचित हिंदू परिवारों को प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए उकसाया जा रहा था।
    • इसी जिले के रैपुरा क्षेत्र के धुनुवा गांव में 12 अक्टूबर 2025 को पुलिस ने छापा मारा, जहां भारत कुमार, रामविशाल और हटवा निवासी महेश ने ग्रामीणों को रुपये का लालच देकर मतांतरण कराने का प्रयास किया। मौके से साहित्य और बाइबल बरामद हुईं। पूछताछ में कुछ लोग भाग निकले, जबकि तीन आरोपितों पर मुकदमा दर्ज किया गया।
    • इसी तरह कन्नौज जिले के ठठिया क्षेत्र के करसाह गांव में 50 ग्रामीणों का मतांतरण कराकर सात दिसंबर को अवैध चर्च में प्रार्थना होने का मामला सामने आया था। पुलिस ने पन्नालाल पादरी, उसके भाई विद्यासागर, पड़ोसी उमाशंकर समेत इटावा के बकेवर में रहने वाले अजब सिंह को गिरफ्तार किया था।

     

    जहां भी मतांतरण के प्रमाण मिलते हैं, मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाती है। अचलगंज के हुलासखेड़ा व दही के घटोरी गांव में अभी तक मतांतरण कराए जाने का कोई प्रमाण नहीं मिला है। प्रशासनिक टीम जांच कर रही है। यदि कुछ भी मिलता है तो कार्रवाई की जाएगी।
    -जयप्रकाश सिंह, एसपी, उन्नाव