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वाराणसी में 50 एकड़ में होगा फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी का निर्माण, अत्याधुनिक सुविधा से लैस होगा कैंपस

Published: Tue, 22 Sep 2026 03:27 PM (IST)

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 7 अक्टूबर को वाराणसी में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी के 50 एकड़ के नए परिसर की आधारशिला रखेंगे।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. गृह मंत्री अमित शाह 7 अक्टूबर को करेंगे शिलान्यास।

  2. 50 एकड़ में बनेगा अत्याधुनिक फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी परिसर।

  3. फॉरेंसिक, साइबर इन्वेस्टिगेशन, क्रिमिनोलॉजी जैसे कोर्स होंगे।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। काशी का विकास राष्ट्रीय स्तर पर हो रहा है। इसमें नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (एनएसएफयू) भी अगली कड़ी के रूप में जुड़ने जा रहा है। इसकी पढ़ाई तो अगस्त माह में ही शुरू हो गई लेकिन अब इसके भवन की आधारशिला रखने की तैयारी है। इसके लिए राजातालाब तहसील के शहंशाहपुर में 50 एकड़ में विश्वविद्यालय के नए परिसर बनाया जाएगा।

काशी में स्थापित फॉरेंसिक विश्वविद्यालय में पांच वर्षीय बीएसए-एमएससी व दो वर्षीय एमएससी में तीस-तीस सीटों पर प्रथम बैच की कक्षाएं चल रही हैं। फिलहाल इसे अस्थायी रूप से जाल्हूपुर में बने समेकित विद्यालय में संचालित किया जा रहा है।

दूसरी तरफ विश्वविद्यालय के भवन निर्माण की प्रक्रिया भी प्रारंभ हो चुकी है। इसके लिए 150 करोड़ की लागत से विश्वविद्यालय का भवन तीन साल में पूरी तरह आकार लेगा। इसे पशुपालन विभाग की जमीन पर बनाया जाएगा। भूमि स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी हो गई है। यह उत्तर प्रदेश का दूसरा कैंपस होगा।

विश्वविद्यालय के समन्वय से प्रशासनिक तैयारियां अधिकारियों के निर्देशन में चल रही हैं। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर भूमि पूजन, निर्माण कार्यों और उच्च शिक्षा व फॉरेंसिक जांच सुविधाओं के विस्तार से जुड़ी तैयारियों की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

तैयारी है कि सात अक्टूबर को जब गृह मंत्री अमित शाह काशी में होंगे तो उस दौरान फॉरेंसिक साइंस विश्वविद्यालय के भवन के लिए शिलान्यास किया जाएगा। भवन तैयार होने के बाद कई और कोर्स चलेंगे। तब यह स्टूडेंट की संख्या में बढ़ोत्तरी होते हुए 500 से ऊपर हो जाएगी।

फॉरेंसिक लेबोरेटरी की होगी सुविधा

विश्वविद्यालय के कैंपस में छात्रों को आधुनिक अनुसंधान की भी सुविधाएं मिलेंगी। पूर्वांचल व बिहार के युवाओं को अवसर मिलेगा। कैंपस में आवासीय सुविधा के साथ उच्च स्तरीय विधि विज्ञान और साइबर सुरक्षा प्रयोगशालाएं, डिजिटल फॉरेंसिक व व्यवहार विज्ञान से जुड़ी आधुनिक रिसर्च लैब, स्मार्ट क्लासरूम, सेमिनार हाल और एक समृद्ध डिजिटल पुस्तकालय की सुविधा होगी।

साथ ही छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के लिए अत्याधुनिक तकनीकी उपकरण भी उपलब्ध रहेंगे। यहां फारेंसिक साइंस, साइबर इन्वेस्टिगेशन और क्रिमिनोलाजी जैसे विशिष्ट पाठ्यक्रम संचालित होंगे। इस विश्वविद्यालय की स्थापना से देश और दुनिया में फारेंसिक विशेषज्ञों की भारी कमी दूर होगी।

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