यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 02, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Gyanvapi Case: ASI ने ज्ञानवापी परिसर की सर्वे रिपोर्ट दाखिल करने के लिए मांगा और 56 दिन का समय
Gyanvapi case ज्ञानवापी परिसर में सर्वे के लिए जिजा जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की ओर से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को दो सितंबर को रिपोर्ट पेश ...और पढ़ें

वाराणसी, जेएनएन। ज्ञानवापी प्रकरण में परिसर के सर्वे की रिपोर्ट दाखिल करने के एएसआई की ओर से आठ सप्ताह का और समय देने की अपील की गई है। एएसआई की ओर से स्टैंडिंग गवर्मेंट काउंसिल अमित कुमार श्रीवास्तव ने जिला जज की अदालत में उक्त आशय का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया है।
जिला जज के अवकाश पर होने के कारण एएसआई के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के लिए लंच बाद प्रभारी जिला जज की अदालत में पेश किया जाएगा। गौरतलब है कि जिला जज ने दो सितंबर को ज्ञानवापी की सर्व रिपोर्ट को अदालत में पेश करने के लिए दो सितंबर की तिथि नियत की थी।
ज्ञानवापी परिसर में सर्वे का काम हो चुका है पूरा
ज्ञानवापी परिसर में सर्वे कर रही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) को दो सितंबर यानी आज रिपोर्ट जिला जज डा. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में प्रस्तुत करनी थी। चार अगस्त से सर्वे कर रही विशेषज्ञों की टीम ने ज्ञानवापी में मौजूद इमारत के भीतर व बाहर सभी जगहों पर आधुनिक मशीनों की मदद से जांच की थी। वहीं अब सर्वे की रिपोर्ट सौंपने के लिए एएसआइ ने और 56 दिन का समय मांगा है।
मस्जिद पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी जिला कोर्ट के फैसले को चुनौती
मंदिर पक्ष की मांग पर 21 जुलाई को जिला न्यायालय ने ज्ञानवापी परिसर (सुप्रीम कोर्ट द्वारा सील वुजूखाने को छोड़कर) का सर्वे करके चार अगस्त को रिपोर्ट देने का आदेश दिया था। इस फैसले को मस्जिद पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसके बाद सर्वे पर रोक लगा दी गई। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद पक्ष को हाई कोर्ट जाने का आदेश दिया था।
खबरें और भी
पूर्व में भी एएसआई ने मांगा था चार सप्ताह का समय
मस्जिद पक्ष की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने भी तीन अगस्त तक सर्वे पर रोक लगा दी थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद हाई कोर्ट ने मस्जिद पक्ष की मांग खारिज कर दी और चार अगस्त से सर्वे शुरू किया गया था। बता दें कि पूर्व में भी एएसआइ ने जिला जज की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा था। जबकि पांच अगस्त को जिला जज ने ज्ञानवापी सर्वे की रिपोर्ट दो सितंबर तक पेश करने का आदेश दिया था।