दालमंडी विस्तारीकरण: बिस्मिल्लाह खां के मकान को बचाने की गुहार, सोमा घोष ने की स्मारक बनाने की मांग
दालमंडी सड़क विस्तारीकरण के कारण भारत रत्न बिस्मिल्लाह खां के हड़हासराय स्थित मकान को तोड़े जाने की आशंका है। उनकी दत्तक पुत्री पद्मश्री सोमा घोष ने प् ...और पढ़ें

भारत रत्न बिस्मिल्लाह खां की फाइल फोटो। जागरण
HighLights
बिस्मिल्लाह खां के मकान पर दालमंडी विस्तारीकरण का खतरा।
पद्मश्री सोमा घोष ने संरक्षण की मांग की।
मकान को स्मारक बनाने की गुहार लगाई गई।
जागरण संवाददाता, वाराणासी। दालमंडी सड़क विस्तारीकरण में शहनाई के बादशाह भारत रत्न बिस्मिल्लाह खां के हड़हासराय स्थित मकान को तोड़े जाने की आशंका पर उनकी दत्तक पुत्री और शास्त्रीय व उपशास्त्रीय गायिका पद्मश्री सोमा घोष ने दुःख व्यक्त किया है।
उन्होंने प्रदेश सरकार से उनके मकान के संरक्षण की मांग उठाई है। उन्होंने कहा है कि विस्तारीकरण हो लेकिन भारत रत्न के इस मकान को उनका स्मृति स्थल या स्मारक बनाकर सरकार संरक्षण करे। उन्होंने फोन पर बातचीत में यह गुहार लगाई कि प्रशासन उनकी स्मृतियों को संजोए। उसे न तोड़े। यदि कोई विकल्प हो तो उसको तलाशा जाय।
उन्होंने बताया कि शहनाई के बादशाह उस्ताद बिस्मिल्लाह खां का बचपन इसी मकान में बीता। इसी मकान में अपनी शहनाई का रियाज करते थे। उन्होंने शहनाई को फर्श से अर्श तक पहुंचने का कार्य इसी मकान में रह कर किया।
यह उनकी संगीत यात्रा का जीता जागता शुरुआती और अनन्तिम पड़ाव है। घर का एक-एक कोना, दीवारें और कमरे उनसे जुड़े हैं। जिस कमरे में खां साहब रागों की साधना करते थे ,वह यहीं है। यह एक सांगीतिक धरोहर है। इसकी रक्षा होनी चाहिए।