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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 01, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Flood in Varanasi : काशी की गल‍ियों में चली नाव, चेतावनी ब‍िंदु पार कर विश्वनाथ धाम तक जा पहुंचीं गंगा

    Updated: Fri, 01 Aug 2025 06:25 PM (IST)

    Varanasi Flood Condition वाराणसी में गंगा का जलस्‍तर अब दुश्‍वार‍ियां देने लगा है। बाढ़ का पानी गल‍ियों में पहुंचने से नौकाएं अब गल‍ियों का रुख कर रह ...और पढ़ें

    वाराणसी में गंगा के जलस्‍तर में लगातार इजाफा हो रहा है।
    वाराणसी में गंगा के जलस्‍तर में लगातार इजाफा हो रहा है।

    जागरण संवाददाता, वाराणसी। गंगा का जलस्तर द‍िन में चेतावनी ब‍िंंदु को पार करने के बाद तेजी से बढ़ने के कारण मणिकर्णिका घाट पर शव दाह करने पहुंचे लोगों को कमर तक पानी में होकर जाना पड़ रहा है। जबक‍ि काशी व‍िश्‍वनाथ धाम के न‍िचले स्‍तर तक गंगा का पानी छूने लगा है। वहीं शीतला मंद‍िर की छत तक पानी पहुंचने से नौकाएं वहां तक आ चुकी हैं। 

    केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शुक्रवार की शाम चार बजे तक चार सेमी प्रत‍िघंटे की गत‍ि से चेतावनी ब‍िंंदु 70.262 मीटर के सापेक्ष 70.28 मीटर जलस्‍तर जा पहुंचा है। यहां खतरा ब‍िंंदु 71.262 मीटर है तो अधि‍कतम जलस्‍तर 73.901 मीटर दर्ज क‍िया गया है।

    गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने की वजह से दशाश्वमेध घाट क्षेत्र में जल पुलिस का कमरा आधा से अधिक डूब गया है। वही शीतला मंदिर के छत मे लगने के बाद भी गंगा की धारा मानो थमने को तैयार नहीं है। काशी मे गंगा जलस्तर तीसरी बार बढ़ रहा है। इस बार का बढ़ना गंगा किनारे रहने वालों के ल‍िए चिंता का सबब बन रहा है।

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    दशाश्वमेध क्षेत्र के बाबू महाराज जो शीतला मंदिर महंत भी हैं, बताते हैं क‍ि जिस तेजी से जलस्‍तर बढ़ रहा है तो हो सकता हैं क‍ि आने वाले दिन में पानी दशाश्वमेध की सड़क तक आ जाएगा। काफी वर्ष बाद शीतला मंदिर की छत तक पानी पहुंच चुका है। वहीं जल्‍द ही मणिकर्ण‍िका घाट में गलियों का सहारा लेना पड़ जायेगा। जबक‍ि छत फुल होने से शवदाह यात्रियों को समस्या हो रही है। गंगा का जलस्‍तर सतुआ बाबा आश्रम के कुछ दूरी पर है। विश्वनाथ धाम में निचले स्थल पर तो पानी पहले ही प्रवेश कर चुका था अब जल्द ही गंगा द्वार को छूता नजर आ सकता है। 

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    दूसरी ओर गंगा के जलस्‍तर में इजाफा होने से वरुणा में पलट प्रवाह की स्‍थ‍िति‍ है। जलस्तर दोबारा बढ़ने से दीनदयालपुर सलारपुर व पुलकोहना इलाकों के मकानों में बाढ़ का पानी घुस गया है। सारनाथ क्षेत्र के वरुणा नदी से जुड़े इलाकों में दीनदयालपुर, पुरानापुल पुलकोहना, सलारपुर क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक मकानों में लगभग चार फीट तक पानी घुस गया है। लोग अपना आशियाना छोड़कर दूसरे स्थान पर शरण लिए है। गुरुवार की रात में ही अचानक दनियलपुर इलाको में एक दर्जन से अधिक मकानों में बाढ़ का पानी घुसा है।

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    वरुणा नदी के किनारे दनियलपुर इलाके में उमा शंकर, मनोज, रजिया, रूबी, शबनम, हमीदा, निजाम सहित एक दर्जन से मकानों में रात में पानी घुस जाने से लोग अपना समान लेकर अन्य स्थानों पर शरण लिए हैं। रेलवे लाइन के सलारपुर इलाके में नालों के नालों के सहारे बस्ती में रात अचानक बाढ़ का पानी मकानों में घुस गया। वहीं के शरद विश्‍वकर्मा, राजेश, राजकुमार के मकानों में पानी घुस गया। वहीं पुराना पुल पुलकोहना छोटी मस्जिद के पास नाले से सटे मकानों में पानी घट रहा था लेकिन पुनः बाढ़ का पानी बढ़ने से पनारू, रन्नो, मंगल, राजू, सीताराम के मकानों में पानी घुस गया।

    बाढ़ का पानी बढ़ने से रुप्पनपुर, पैगम्बरपुर, सहित नाले के किनारे के इलाकों में रहने वालों के मकानों में घुस गया है। सलारपुर चमेलिया बस्ती, रेलवे लाइन के किनारे सहित अन्य बाढ़ प्रभावित इलाकों से लोग सलारपुर बाढ़ राहत शिविर में 46 परिवारों ने शरण ली है। यहां पर बाढ़ शिविर में चिकित्सा टीम भी तैनात है।

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