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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 10, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Gyanvapi Case: ज्ञानवापी में पूजन की मांग को लेकर अदालत में मुकदमा दर्ज, 11 अगस्त को होगी सुनवाई

    By Jagran NewsEdited By: Prince Sharma
    Updated: Thu, 10 Aug 2023 04:52 AM (IST)

    Gyanvapi Case ज्ञानवापी को लेकर अदालत में लंबित एक मुकदमा में पक्षकार बनने प्रार्थना पत्र अथवा आपत्ति दाखिल करने का आम नागरिकों को अवसर दिया गया है। ...और पढ़ें

    Gyanvapi Case: ज्ञानवापी में पूजन की मांग को लेकर अदालत में मुकदमा दर्ज
    Gyanvapi Case: ज्ञानवापी में पूजन की मांग को लेकर अदालत में मुकदमा दर्ज

    HighLights

    1. ज्ञानवापी को लेकर अदालत में लंबित एक मुकदमा में पक्षकार बनने, प्रार्थना पत्र अथवा आपत्ति दाखिल करने का आम नागरिकों को अवसर दिया गया है।
    2. मुकदमे की अगली सुनवाई कल होगी।

    वाराणसी, जागरण संवाददाता। ज्ञानवापी को लेकर अदालत में लंबित एक मुकदमा में पक्षकार बनने, प्रार्थना पत्र अथवा आपत्ति दाखिल करने का आम नागरिकों को अवसर दिया गया है। सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की ओर से जारी आदेश से आम लोगों को अवगत कराने के लिए बुधवार को चौक क्षेत्र में डुगडुगी बजवाई गई।

    आदेश में कहा गया है कि संजय कुमार द्वारा दायर प्रतिनिधि वाद में किसी भी व्यक्ति को कोई प्रार्थना पत्र, आपत्ति अथवा पक्षकार बनना चाहता है तो 11 अगस्त 2023 को सुबह 10.30 बजे अदालत में व्यक्तिगत अथवा वकील के माध्यम से उपस्थित होकर अपना पक्ष रख सकता है। संजय कुमार रस्तोगी, नवीन कुमार सिंह, अजीत कुमार सिंह, अमित कुमार सिंह व अखंड प्रताप सिंह ने सिविल जज (सीनियर डिवीजन) की अदालत में प्रतिनिधि वाद दायर किया है।

    कल होगी सुनवाई

    इसमें अंजुमन इंतजामिया मसाजिद व काशी विश्वनाथ ट्रस्ट को प्रतिवादी बनाया है। मुकदमे में कहा गया है कि आराजी संख्या 9130 (ज्ञानवापी) जो लोहे की बेरिकेडिंग से घिरा हुआ है उसमें स्थित मां श्रृंगार गौरी, आदि विश्वेश्वर सहित प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष देवी देवताओं के नित्य दर्शन-पूजन, राग-भोग में प्रतिवादी अवरोध उत्पन्न करें और न ही सनातनियों के साथ रोक-टोक करें। बैरिकेडिंग के अंदर स्थित देवी-देवताओं की मूर्तियों, शिवलिंग और दीवारों पर मूर्तियों के रखने के तहखानों, दीवारों पर स्वास्तिक, त्रिशूल, डमरु, कमल के फूल, घंटी, ओम् लिखे हुए हैं उसे नष्ट न करें। मुकदमे की अगली सुनवाई कल होगी।