डिजिटल काशी पर कांग्रेस का वार: पूछा- क्या अब महादेव से मिलने के लिए भी स्मार्टफोन जरूरी
कांग्रेस ने काशी विश्वनाथ मंदिर में 1 मई से लागू होने वाली ऐप-आधारित दर्शन व्यवस्था का विरोध किया है। महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने इसे आस्था पर प् ...और पढ़ें

श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर। जागरण
HighLights
कांग्रेस ने काशी विश्वनाथ मंदिर की नई ऐप व्यवस्था का विरोध किया।
इसे आस्था पर प्रहार और डिजिटल बाधा बताया गया।
महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने जनता के साथ खड़े होने की बात कही।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन काे एक मई से लागू एप आधारित व्यवस्था पर कांग्रेस पार्टी ने विरोध दर्ज कराया है। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने इसे आस्था पर प्रहार बताते हुए कहा कि काशी की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।
महानगर अध्यक्ष ने कहा कि सदियों से संत, महात्मा, विद्वान, तपस्वी और करोड़ों श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के चरणों में शीश नवाते आए हैं, अब आस्था को प्रशासनिक आदेशों और डिजिटल बाधाओं में कैद करने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए सीधे तौर पर मंदिर प्रशासन जिम्मेदार है।
दर्शन व्यवस्था मोबाइल ऐप, पासवर्ड और तकनीकी पर आधारित नहीं रही। सदियों से यहां श्रद्धा, विश्वास, परंपरा और सरलता ही प्रवेश का माध्यम रही है। वर्तमान प्रशासन कारपोरेट माडल पर चलाने का प्रयास कर रही है।
अधिकारियों की नियुक्ति श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और व्यवस्था के लिए की गई थी, वही अधिकारी मालिक बनकर फरमान जारी कर रहे हैं। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। क्या दर्शन का अधिकार अब इंटरनेट, एप डाउनलोड और डिजिटल पंजीकरण पर निर्भर करेगा? मंदिर परिसर और धाम क्षेत्र में बाजारीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है।
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श्रद्धालु घंटों लाइन में खड़े रहें। स्थानीय लोग परेशान हों, बुजुर्ग भटकते रहें, इससे प्रशासन को कोई सरोकार नहीं है। वीआईपी संस्कृति, चमक-दमक की चिंता है। काशीवासी पीढ़ियों से सुबह-शाम बाबा का दर्शन करते आए हैं। आज उन्हीं के लिए अवरोध खड़े किए जा रहे हैं। कांग्रेस समेत काशीवासी इस नई व्यवस्था का विरोध अंतिम दम तक करेंगे।