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    VIDEO : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ आई कांग्रेस, अजय राय बोले - वो हमारे धर्मगुरु, उनके लिए होगा आंदोलन

    By Digital Desk Edited By: Abhishek sharma
    Updated: Wed, 21 Jan 2026 04:21 PM (IST)

    कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और नाना पटोले ने वाराणसी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए। उन्होंने मणिकर्णिका घाट जाने से रोके जाने पर आपत्ति जताई। कां ...और पढ़ें

    HighLights

    1. कांग्रेस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के लिए आंदोलन की घोषणा की।

    2. अजय राय ने उन्हें अपना धर्मगुरु बताया, अन्याय का विरोध।

    3. मणिकर्णिका घाट जाने से रोके जाने पर कांग्रेस ने जताई आपत्ति।

    जागरण संवाददाता, वाराणसी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और वरिष्ठ नेता नाना पटोले ने बुधवार को मैदागिन से बाबा विश्वनाथ का दर्शन पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हमें मणिकर्णिका घाट जाने से रोका गया है, जो कि एक गंभीर मुद्दा है। उन्होंने यह भी कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद हमारे गुरु हैं और हम उनके साथ खड़े हैं। उनके साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ कांग्रेस आंदोलन करेगी।

    अजय राय ने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ अन्याय हो रहा है। यदि ऐसा नहीं था, तो उन्हें कुंभ में स्थान क्यों दिया गया? उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस उनके लिए आंदोलन करेगी। नाना पटोले, जो महाराष्ट्र से वाराणसी आए थे, मणिकर्णिका घाट जाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन पुलिस की सख्ती के कारण वे वहां नहीं जा सके। उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर जाकर दर्शन किए और कहा कि वहां जाने से रोकना साबित करता है क‍ि वहां कुछ गड़बड़ है।

    पटोले ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा एआई के संबंध में जो बातें कही जा रही हैं, वे झूठी हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि कांग्रेस आगे भी आंदोलन करेगी और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ खड़ी रहेगी। कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के प्रति सम्मान और श्रद्धा के साथ, हम उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि यह केवल एक धार्मिक मामला नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज के मूल्यों और सिद्धांतों की रक्षा का भी प्रश्न है।

    कांग्रेस के नेताओं ने यह स्पष्ट किया कि वे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ खड़े हैं और उनके लिए किसी भी प्रकार का आंदोलन करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि यह समय है जब हमें एकजुट होकर उनके अधिकारों के लिए लड़ना चाहिए। कांग्रेस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, उनके साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का संकल्प लिया है। यह आंदोलन न केवल स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के लिए, बल्कि समाज के सभी धर्मगुरुओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

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    कांग्रेस के इस कदम से यह स्पष्ट होता है कि वे धार्मिक मामलों में भी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तत्पर हैं। इस प्रकार, वाराणसी में कांग्रेस का यह प्रयास एक नई दिशा में अग्रसर हो सकता है, जो समाज में धर्म और राजनीति के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास करेगा।