वाराणसी में बाढ़ राहत शिविरों में दवा-भोजन की व्यवस्था, स्वच्छ पानी और शौचालय की मांग
वाराणसी के बाढ़ राहत शिविरों में भोजन और दवा की व्यवस्था की जा रही है, जहां अब तक 75 लोगों ...और पढ़ें

वाराणसी बाढ़ राहत शिविरों में भोजन दवा उपलब्ध, स्वच्छ पानी और शौचालय की मांग।
HighLights
वाराणसी बाढ़ शिविरों में भोजन, दवा की व्यवस्था जारी है।
शिविरार्थियों ने स्वच्छ पानी, अतिरिक्त शौचालय की मांग की।
प्रशासन अतिरिक्त शौचालय बना रहा, सुविधाओं की निगरानी जारी है।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। राम जानकी मंदिर समिति परिसर में बनाए गए राहत शिविर में रह रहे लोगों के लिए भोजन और दवा की व्यवस्था की जा रही है। शिविर में एक सितंबर से अब तक करीब 75 लोगों को दवा दी गई है। स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों में त्वचा रोग, सर्दी-जुकाम और बुखार के मामले अधिक बताए गए हैं। शिविरार्थियों ने पानी की पर्याप्त उपलब्धता और अतिरिक्त शौचालय की व्यवस्था की आवश्यकता बताई है।
शिविर में सफाई की व्यवस्था भी की जा रही है। लोगों के अनुसार भोजन नियमित रूप से उपलब्ध कराया जा रहा है। दाल, चावल, सब्जी और कोहड़ा की सब्जी दी जा रही है। सुबह करीब आठ बजे दूध और दोपहर करीब 12 बजे नाश्ता दिया जाता है। कुछ शिविरार्थियों ने भोजन में रोटी शामिल करने की मांग की है। बीमार लोगों के लिए पूड़ी और चावल के बजाय हल्का भोजन उपलब्ध कराने का सुझाव भी दिया गया है।
शारदा चौरसिया ने बताया कि भोजन की व्यवस्था ठीक है, लेकिन पानी की उपलब्धता और बेहतर किए जाने की जरूरत है। उन्होंने शौचालयों की संख्या बढ़ाने की मांग की। प्रशासन की ओर से शिविर परिसर में अतिरिक्त शौचालय बनाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए ईंट और सीमेंट मंगाया गया है।
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बाढ़ राहत शिविर में दुश्वारियां अपार हैं, लेकिन लोग किसी तरह समय काट रहे हैं। - जागरण
शिविरार्थियों के मुताबिक गुरुवार शाम हलवाई के चले जाने के कारण भोजन मिलने में देरी हुई और रात करीब 11 बजे खाना उपलब्ध कराया गया। हालांकि लेखपाल की ओर से सहयोग किए जाने की बात लोगों ने कही। विनोद केशरी ने बताया कि अब भोजन समय से मिल रहा है और फिलहाल कोई विशेष परेशानी नहीं है। पार्वती वर्मा ने भी शिविर की व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताया।
शीला ने बताया कि रात के समय शिविर के आसपास मौजूद पशुओं के कारण परेशानी होती है। शिवकुमारी वर्मा ने भोजन में रोटी उपलब्ध कराने की मांग की। उनका कहना है कि बीमार लोगों के लिए पूड़ी और चावल के स्थान पर हल्का भोजन दिया जाना चाहिए।

बाढ़ राहत शिविरों में लगातार काम जारी है। - जागरण
शिविर में बच्चों की संख्या भी है। स्कूल बंद होने के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित होने की बात अभिभावकों ने कही। शिविर में 554 महिलाएं रह रही हैं। ऐसे में पानी और शौचालय की पर्याप्त व्यवस्था की मांग की जा रही है।
बाढ़ और जलजमाव की स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा महापौर और जिलाधिकारी से स्थिति की जानकारी लिए जाने के बाद प्रशासनिक स्तर पर सक्रियता बढ़ी है। इसके बाद राहत शिविरों की व्यवस्थाओं की निगरानी भी की जा रही है। एसडीएम और एडीएम ने शिविर का निरीक्षण कर शिविरार्थियों से उनकी समस्याओं की जानकारी ली।
फिलहाल शिविर में भोजन और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। शिविरार्थियों की ओर से पानी, शौचालय, भोजन के विकल्प और बच्चों की पढ़ाई से संबंधित व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की गई है। प्रशासन की ओर से अतिरिक्त शौचालय की तैयारी शुरू किए जाने की जानकारी दी गई है।
