यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 08, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
वाराणसी में बाढ़ का खतरा बरकरार, लगातार बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन अलर्ट
वाराणसी में मौसम एक बार फिर से तल्ख हो गया है। लगातार बारिश से नदियों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। गंगा में जलस्तर घट रहा है पर सरयू का जलस्तर खतरे के ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, वाराणसी। मौसम का रुख एक बार फिर से तल्खी की ओर हो चला है। दो दिन से रह रहकर हो रही बरसात की वजह से नदी में दोबारा बाढ़ की सूरत बनने की संभावना बलवती हो रही है। एक ओर अब हालांकि गंगा में राहत है तो खतरा बिंदु पार करने की ओर सरयू हो चुकी है।
एक सप्ताह से बढ़ रहा सरयू का जलस्तर खतरा बिंदु के करीब पहुंच गया है। इसकी वजह से आजमगढ़ व मऊ के निचले इलाकों में लोग चिंतित हैं। जलस्तर एक सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रहा है। अब नदी अपने खतरा बिंदु से मात्र 30 सेमी नीचे है। शुक्रवार तक खतरा बिंदु पार करने की आशंका है। इसे देखते हुए प्रशासन की तरफ से बांधों की निगरानी बढ़ा दी गई है। इसके अलावा गंगा के जलस्तर में अब गिरावट हो रही है और शुक्रवार सुबह आठ बजे खतरा बिंदु से 66 सेमी नीचे बह रही हैं। जलस्तर घटने की गति छह सेमी प्रति घंटा है। हालांकि बारिश की वजह से दिक्कत दोबारा शुरू हो सकती है।
स्थानीय प्रशासन ने बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए हैं। बाढ़ नियंत्रण कक्ष को सक्रिय कर दिया गया है और लोगों को सतर्क रहने के लिए निर्देशित किया गया है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने की तैयारी भी अनवरत जारी है।
सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। कई परिवारों ने अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करना शुरू कर दिया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।
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इस बीच, मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में और बारिश की संभावना जताई है, जिससे बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है। स्थानीय लोगों को सलाह दी गई है कि वे अपने आसपास की स्थिति पर नजर रखें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन से संपर्क करें।
इस प्रकार, मौसम की तल्खी और नदी के बढ़ते जलस्तर ने क्षेत्र में चिंता का माहौल बना दिया है। प्रशासन और स्थानीय लोग मिलकर इस चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। सभी को सतर्क रहने की आवश्यकता है ताकि किसी भी प्रकार की आपदा से बचा जा सके।