ज्ञानवापी जमीन अदला-बदली मामले में अंजुमन इंतेजामिया पर 500 रुपये का हर्जाना, 19 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
वाराणसी की सिविल जज तुलिका बंधु की अदालत ने ज्ञानवापी मामले में अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद पर 500 रुपये का हर्जाना लगाया है। यह हर्जाना श्रीकाशी विश्वना ...और पढ़ें

जवाबदेही दाखिल न करने पर अंजुमन इंतेजामिया पर 500 रुपये हर्जाना।
HighLights
अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद पर 500 रुपये का हर्जाना लगा।
जवाबदेही दाखिल न करने पर अदालत ने यह फैसला सुनाया।
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम जमीन अदला-बदली से जुड़ा है वाद।
विधि संवाददाता, वाराणसी। नव्य-भव्य श्रीकाशी विश्वनाथ धाम निर्माण के दौरान मंदिर से सटी जमीन की अदला-बदली को लेकर दाखिल वाद में सिविल जज (खफीफा) तुलिका बंधु की अदालत ने अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद पर 500 रुपये का हर्जाना लगाया है।
वहीं, श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद और प्रदेश सरकार की ओर से जवाबदेही दाखिल न किए जाने तथा कोई प्रतिनिधि उपस्थित न होने पर अदालत ने उनका अवसर समाप्त कर दिया।
अदालत ने पूर्व में सभी प्रतिवादियों को जवाबदेही प्रस्तुत करने के लिए 30 मई की तिथि निर्धारित की थी। शनिवार को सुनवाई के दौरान अंजुमन इंतेजामिया की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा गया।
इस पर वादी पक्ष के अधिवक्ता नित्यानंद राय ने आपत्ति जताते हुए कहा कि प्रतिवादियों को पहले भी कई अवसर दिए जा चुके हैं और जानबूझकर वाद को लंबित किया जा रहा है।
दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अंजुमन इंतेजामिया की समय बढ़ाने की प्रार्थना स्वीकार करते हुए उस पर 500 रुपये का हर्जाना लगाया तथा जवाबदेही दाखिल करने के लिए अगली सुनवाई 19 अगस्त तय की।यह वाद अधिवक्ता नित्यानंद राय ने 10 जुलाई 2021 को दाखिल किया था।
याचिका में श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद और अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी के बीच नव्य भव्य श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के निर्माण के दौरान हुई जमीन की अदला-बदली की कार्यवाही को विधि विरुद्ध बताते हुए संबंधित दस्तावेजों को निरस्त करने की मांग की गई है।
इस मामले में प्रदेश सरकार, श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद और अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी को प्रतिवादी बनाया गया है।