Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    गर्मी में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन आम, बचाव के लिए सबसे पहले अपने शरीर के तापमान को नियंत्रित करें

    By Shivam singhEdited By: Abhishek sharma
    Updated: Wed, 06 May 2026 12:45 PM (IST)

    वाराणसी में 'हेलो जागरण' कार्यक्रम में डॉ. शिवशक्ति प्रसाद द्विवेदी ने गर्मी में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन से बचाव के उपाय बताए। उन्होंने शरीर का ताप ...और पढ़ें

    गर्मी में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन से बचें: विशेषज्ञ डॉक्टर ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव।

    गर्मी में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन से बचें: विशेषज्ञ डॉक्टर ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव।

    HighLights

    1. गर्मी में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन से बचाव के लिए तापमान नियंत्रित करें।

    2. पर्याप्त पानी पिएं, सूती कपड़े पहनें, धूप में अनावश्यक न निकलें।

    3. हल्का भोजन करें, मौसमी फल-सब्जियां खाएं, खाली पेट न निकलें।

    जागरण संवाददाता, वाराणसी। गर्मी के मौसम में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन आम है। इससे बचाव के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज है कि शरीर के तापमान को नियंत्रित करें। इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम है पानी के सेवन को शरीर में बढ़ाना है। एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए प्रतिदिन लगभग पांच से छह लीटर लिक्विड लेना आवश्यक है।

    दूसरा सबसे महत्वपूर्ण हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए सूती कपड़ा का प्रयोग करें, जहां तक हो सके पूरे आस्तीन का कपड़ा पहनें। बाहर निकलते समय सर पर गमछा और पानी का बोतल ले कर निकलें। साथ ही घर से खाली पेट न निकलें और हल्का भोजन लें। खासकर मौसमी फलों और सब्जियों का सेवन करें।

    दैनिक जागरण के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘हेलो जागरण’ में बुधवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रमना के प्रभारी डा. शिवशक्ति प्रसाद द्विवेदी ने पाठकों से बात की। उन्होंने हीट स्ट्रोक, सन बर्न, सर्दी, जुकाम, बुखार, डिहाइड्रेशन, पेट दर्द संबंधित समस्याओं के बारे में जानकारी दी। साथ ही बचाव व उपचार के साथ अस्पताल की सुविधाओं से भी अवगत कराया।

    स्वस्थ रखने के लिए क्या खानपान और कब अस्पताल जाना चाहिए। प्रियंवदा मिश्रा (गोरखपुर)

    - गर्मी में मौसमी हरी सब्जियों का सेवन करने के साथ तरल पदार्थों का सेवन अधिक करना है। तला-भुना युक्त भोजन न करें। गर्मियों में फूड प्वाइजनिंग का खतरा अधिक होता है। अगर आपको लगातार लूजमोशन, पेट दर्द हो रहा है तो तुरंत विशेषज्ञ डाक्टर से मिलकर इलाज करना चाहिए।

    खबरें और भी

    बार-बार सर्दी व जुकाम के लक्षण हो जाते है यह किसी गंभीर समस्या का लक्षण तो नहीं है? हर्ष वर्धन सिंह (शिवपुर)

    - सर्दी व जुकाम गर्मियों के मौसम आम बात है। इस मौसम में शरीर का तापमान बरकरार नहीं रहता है। कोरोना बीतने के बाद से लोगों ने मास्क पहनना बंद कर दिया है। फागिंग का धुंआ शरीर के लिए हानिकारक है। ऐसे में बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग करें

    डिहाइड्रेशन क्या होता है उसका लक्षण क्या होता है? पवन कुमार (रमना) व राज शेखर तिवारी (पहड़िया)

    - डिहाइड्रेशन शरीर में पानी की कमी से होता है। गर्मी में पांच से छह लीटर लिक्विड 24 घंटे के अंदर पीना चाहिए। गर्मी में पसीना ज्यादा निकलने से बेहोशी, चक्कर जैसी समस्या होने लगती है। ऐसे में गर्मी के मौसम में ओआरएस घोल का सेवन करते रहें। घर से बाहर निकल रहे तो साफ पानी लेकर जरूर चले। इससे काफी हद तक बचाव संभव है।

    गर्मी से बचाव कैसे करें? अमित कुमार (भेलूपुर) व अयांश कुमार जायसवाल (पहड़िया)

    - गर्मी में हीट स्ट्रोक का खतरा अधिक होता है। घर का सुपाच्य भोजन करें और पांच से छह लीटर दिनभर में लिक्विड डाइट लें। जैसे, बेल का शरबत, नारियल पानी, फालसा का शरबत, नीबू का शरबत लें। साथ ही गर्मी के समय सफेद कपड़ा जरूर पहनें, क्योंकि सफेद कपड़ा हीट को एबजार्ब करके कूलिंग में परिवर्तित करता है जिससे शरीर को ठंडक महसूस होती है। खासकर जहां तक हो सके, जबतक जरूरी न हो अनावश्यक रूप से बाहर न किलतें। विशेष रूप से सुबह 10 से शाम चार बजे तक निकलने से परहेज करें। अगर बहुत जरूरी है तो गर्मी से बचाव का सामग्री लेकर चले।

    गर्मी में फ्रीज का पानी और एसी का क्या प्रभाव पड़ता है? विष्णु कुमार यादव (नवापुरा)

    - गर्मी में जरूरत से ज्यादा ठंडा पानी और न्यूनतम तापमान में रहने से नुकसान हो सकता है। ऐसे में सामान्य पानी और शारीरिक तापमान के हिसाब से एसी चलाना चाहिए।

    हीट स्ट्रोक क्या होता है और उसका लक्षण कैसे पहचान करें? शुभ ( औसानगंज)

    - गर्मी में शरीर का तापमान अधिक बढ़ जाता है जिससे परिणाम बुखार, उल्टी, चक्कर जैसी अन्य समस्याएं होने लगती है। इनसे बचाव को लेकर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें।

    मेरी उम्र 58 वर्ष है। आपके घुटने में दर्द हो रहा है क्या करें? राम आसरे मौर्या (जाल्हूपुर)
    - उम्र बढ़ने के साथ-साथ कैल्शियम की कमी होना आमबात है। जिसके कारण घुटने में खटखट की आवाज होने लगती है। ऐसे में हड्डी रोग विशेषज्ञ से मिलकर एक्सरे कराने के उपरांत उचित परामर्श लें।

    सर्दी व खांसी की समस्या बार-बार हो रही है क्या करें? विजेंद्र मिश्र ( इमिलियाघाट)

    - एलर्जी की वजह से सर्दी व खांसी की समस्या हो सकती है। इसके उपचार स्वरूप किसी नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ब्लड जांच कराकर ही दवा लें।

    गर्मी के मौसम में सबसे अधिक कौन प्रभावित होता है? श्वेता यादव (जंगमबाड़ी)

    - गर्मी के मौसम में बुजुर्ग और बच्चे एवं कामकाजी महिलाएं अधिक प्रभावित होती हैं। ऐसे में खानपान और धूम में निकलने से बचना चाहिए।

    सन बर्न से कैसे बचा जा सकता है। समीर यादव (बनियापुर)

    - सूर्य की किरणें शरीर को जलाती है वह सन बर्न है। इसमें लाल चकत्‍तते और दाने पड़ जाते हैं। ऐसे में सन स्क्रीन क्रीम लें।

    गले में खराश और खांसी हो रही है क्या करें? अंश यादव (दारानगर)

    - गले में खराश हो रहा है तो गर्म पानी में नमक डालकर गरारा करें। अगर इससे भी आराम नहीं मिल रहा है तो नाक, कान व गला रोग विशेषज्ञ से मिलकर इलाज कराएं।

    ठंडी चीज क्या बच्चों को दे सकते हैं। साथ ही क्या उन्हें खेलने दे सकते हैं? कुलदीप मिश्रा (देवरिया)

    - बच्चों का इम्यून सिस्टम काफी कम होता है। ठंडी चीजें और हैवी फूड का सेवन न कराएं। सुपाच्य भोजन और तरल पदार्थ का सेवन गर्मी के मौसम में अधिक कराएं। इलेक्ट्रानिक उपकरणों से खेलने की बजाए शारीरिक गतिविधियों का खेल उचित रहेगा।