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    खाद्य पदार्थों पर छाई महंगाई, चावल 20 रुपये तो सरसों तेल 25 रुपये लीटर तक चढ़ा, करनी पड़ रही जेब ढीली

    By Anurag SInghEdited By: Abhishek sharma
    Updated: Thu, 06 Aug 2026 05:54 PM (IST)

    वाराणसी में पिछले पांच महीनों में चीनी, दाल, चावल और खाद्य तेलों सहित कई रोजमर्रा की किराना वस्तुओं के दामों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे आम लोग ...और पढ़ें

    वाराणसी में बढ़ी महंगाई, चावल और सरसों तेल के दाम आसमान छू रहे।

    वाराणसी में बढ़ी महंगाई, चावल और सरसों तेल के दाम आसमान छू रहे।

    HighLights

    1. पिछले पांच माह में किराना वस्तुओं के दाम बढ़े।

    2. चावल 20 रुपये, सरसों तेल 25 रुपये महंगा हुआ।

    3. थोक कीमतों, परिवहन लागत से महंगाई बढ़ी।

    जागरण संवाददाता, वाराणसी। पिछले पांच महीनों में रोजमर्रा की कई जरूरी किराना वस्तुओं के दामों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। फुटकर बाजार में मार्च की तुलना में अगस्त में चीनी, दालें, चावल, आटा, नमक और खाद्य तेलों के दाम बढ़ने से आम लोगों की रसोई का बजट प्रभावित हुआ है।

    सबसे अधिक बढ़ोतरी चावल के दाम में दर्ज की गई है, जो 50 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 70 रुपये प्रति किलो हो गया है। चीनी 42 रुपये से बढ़कर 52 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है। वहीं, अरहर दाल 110 से 120 रुपये, चने की दाल 75 से 85 रुपये, मसूर दाल 72 से 80 रुपये और उड़द दाल 110 से 125 रुपये प्रति किलो हो गई है।

    खुला आटा 30 रुपये से बढ़कर 35 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। इसी तरह नमक 28 रुपये से बढ़कर 32 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है। खाद्य तेलों की कीमतों में भी तेजी बनी हुई है। सरसों का तेल 160 रुपये से बढ़कर 185 रुपये प्रति लीटर और रिफाइंड 120 रुपये से बढ़कर 145 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है।

    खोजवां बाजार के किराना दुकानदार सचिन ने बताया कि थोक बाजार में कीमतें बढ़ने, परिवहन लागत और मांग बढ़ने का असर खुदरा बाजार पर भी पड़ा है।महंगाई व बारिश की वजह से दुकानों पर ग्राहक की संख्या में भी कमी आई है। वहीं, कबीर नगर निवासी गृहिणी सीमा मिश्रा का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के कारण घरेलू बजट संभालना मुश्किल होता जा रहा है।

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    बोले थोक व्यापारी

    खाद्य सामग्रियों के भाव पर सीधा सरकार का नियंत्रण होना चाहिए। कई बार सरकार को सुझाव दिया गया की सभी प्रकार की खाद्य सामग्रियों को वायदा बाजार से बाहर रखा जाए। जिससे इस पर सट्टेबाजी ना हो पाए। आने वाले दिनों में भी दलहन और तिलहन में तेजी के आसार हैं। - प्रतीक कुमार गुप्ता, अध्यक्ष, विश्वेश्वरगंज भैरवनाथ व्यापार मंडल।

    पेट्रोल की कीमत बढ़ाने से भाड़े में वृद्धि हुई है जिसकी वजह से बाजार में एक से दो रुपये की तेजी आई है। खराब फसल और बारिश कम होने के कारण फसल की पैदावार कमजोर हुई है जिससे बाजार में इस वक्त तेजी का रुझान है। इथेनाल के निर्माण में चावल, मक्का और गन्ना जाने के कारण चीनी, मक्का और चावल में अच्छी तेजी हुई है। सरकार ने चीनी का कोटा भी कम किया है।
    - मनीष कुमार जायसवाल, व्यापारी विश्वेश्वरगंज।

    थोक बाजार में किराने की सामग्री की कीमतों पर एक नजर
    वस्तु-मार्च (रुपये)- अगस्त (रुपये)
    अरहर दाल -111 -113
    मूंग दाल- 86- 91
    उड़द दाल -114- 118
    चना दाल -71 -77
    काबुली चना -75 -78
    राजमा- 120 -122
    चावल -51- 62
    चीनी- 45- 51.50
    मटर -46 -48
    आटा -29- 30.50
    नोट : कीमतें प्रति किलोग्राम में।