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    PM जन औषधि केंद्र की न्यूनतम दूरी नीति खत्म करने से नाराज संचालकों ने किया आंदोलन, दुकान बंद करने की चेतावनी

    Updated: Thu, 18 Sep 2025 09:54 PM (GMT+05:30)

    वाराणसी में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र संचालकों ने न्यूनतम दूरी नीति को खत्म करने के विरोध में प्रदर्शन किया। दुकानदारों ने अपनी दुकानों का आधा शटर ग ...और पढ़ें

    न्यूनतम दूरी नीति खत्म करने से नाराज वाराणसी के जन औषधि संचालकों ने शुरू किया आंदोलन।
    न्यूनतम दूरी नीति खत्म करने से नाराज वाराणसी के जन औषधि संचालकों ने शुरू किया आंदोलन।

    जागरण संवाददाता, वाराणसी। प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों की न्यूनतम दूरी नीति को समाप्त करने के फैसले के विरोध में गुरुवार को जिले के सभी जन औषधि केंद्र संचालकों ने एकजुट होकर अपना विरोध दर्ज कराया। वाराणसी जन औषधि एसोसिएशन के आह्वान पर सभी संचालकों ने अपनी दुकानों का आधा शटर गिराकर और बाहों में काली पट्टी बांधकर प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया।

    संचालकों ने साफ कहा कि यदि सरकार ने इस फैसला वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। साथ शुक्रवार को सभी दुकानें बंद करने की भी चेतावनी दी है।

    संचालकों ने बताया कि सरकार ने पहले जन औषधि केंद्रों के बीच न्यूनतम दूरी एक से डेढ़ किलोमीटर निर्धारित की थी, जिससे संचालकों को ग्राहकों और दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में सहूलियत रहती थी। लेकिन हाल ही में इस नियम को समाप्त कर दिया गया।

    संचालकों का कहना है कि इस नीति के खत्म होने से एक ही क्षेत्र में कई केंद्र खुल सकती हैं, जिससे मौजूदा केंद्रों की आय पर सीधा असर पड़ेगा। साथ ही वे पहले से ही विभिन्न आर्थिक और प्रबंधन संबंधी चुनौतियों से जूझ रहे हैं अब यह समस्या और बढ़ जाएगी।

    वाराणसी जन औषधि एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि फार्मास्यूटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइस ब्यूरो ऑफ इंडिया (पीएमबीआइ) का यह कदम संचालकों के अस्तित्व पर संकट खड़ा कर देगा।

    उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पीएमबीआई ने तुरंत निर्णय वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और बड़े स्तर पर ले जाया जाएगा। महामंत्री अनिमेष गुप्ता ने कहा कि यह विरोध पूरी तरह शांतिपूर्ण है और इसकी सूचना जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को पहले ही भेज दी गई है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को जिलेभर की सभी जन औषधि दुकानें पूर्ण रूप से बंद रखी जाएंगी।

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    उपाध्यक्ष प्रवीन कुमार मौर्य ने कहा कि यदि सरकार अब भी नहीं चेती तो एसोसिएशन फिर बैठक कर नई रणनीति तैयार करेगा और आंदोलन को प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा।

    वहीं, कोषाध्यक्ष अभिषेक पटेल एवं मीडिया प्रभारी अंजलि वर्मा ने कहा कि वाराणसी प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र है। इस नाते हम अपने सांसद व प्रधानमंत्री के इस प्रकरण पर हस्तक्षेप करने की मांग करते हैं।

    एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि वाराणसी में लगभग 100 से अधिक प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र गरीब और आम लोगों को सस्ती दरों पर दवाइयां उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खोले गए थे। लेकिन दूरी नीति खत्म होने से इस योजना की आत्मा पर ही आघात होगा। इससे न केवल संचालक प्रभावित होंगे बल्कि आम जनता को भी दीर्घकाल में परेशानी झेलनी पड़ेगी।

    संचालकों का गुस्सा इस बात पर भी दिखा कि देश के 46 जिलों में इस न्यूनतम दूरी नीति को खत्म किया गया है। आखिर जब कि अन्य जिलों में यह नीति लागू रहेगी। संचालकों ने एक स्वर में कहा कि वे कल यानि शुक्रवार को अपने प्रतिष्ठान को पूरी तरह से बंद रखेंगे।

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