अब AI से पूछिए बाबा के दर्शन को कब आएं, भीड़ से भी बच जाएं; श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने लांच किया 'एआई चैटबाट'
श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 'आस्क नंदी' नामक एआई चैटबॉट लॉन्च किया है। यह चैटबॉट भक्तों को दर्शन, आरती बुकिंग, प्रसा ...और पढ़ें

HighLights
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 'आस्क नंदी' एआई चैटबॉट लॉन्च।
दर्शन, आरती, प्रसाद, अतिथि गृह बुकिंग की जानकारी उपलब्ध।
बहुभाषी सेवा 24/7, एक करोड़ से अधिक लोग लाभान्वित।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग आदिविश्वेश्वर बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ के मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर न्यास ने एआइ संचालित चैटबाट लांच किया है। इस तकनीक के माध्यम से बाबा के भक्त अब दुनिया के किसी भी कोने से मंदिर से जुड़ी जानकारी और सेवाएं अपनी अंगुलियों पर प्राप्त कर सकेंगे।
चैटबाट ‘आस्क नंदी’ नाम से मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट और डिजिटल प्लेटफार्म पर उपलब्ध है। इसका साल भर से परीक्षण किया जा रहा था। अब तक एक करोड़ से अधिक लोग इस सेवा का लाभ उठा चुके। अब इसे आधिकारिक तौर पर लांच कर दिया ताकि लोग इस पर विभिन्न सेवाएं प्राप्त कर सकें।
सुगम दर्शन और आरती बुकिंग: श्रद्धालु अब सीधे चैटबाट के माध्यम से सुगम दर्शन, मंगला आरती और अन्य विशेष आरतियों की बुकिंग प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। घर बैठे बाबा का प्रसाद मंगवाने के लिए यह चैटबाट त्वरित मार्गदर्शन प्रदान करेगा।
मंदिर खुलने, बंद होने और विभिन्न अनुष्ठानों के समय की सटीक जानकारी 24/7 उपलब्ध होगी। काशी आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए न्यास के अतिथि गृहों की उपलब्धता और बुकिंग में भी इससे सहायता मिलेगी।
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बहुभाषी संवाद: देश-विदेश से आने वाले भक्तों की सुविधा के लिए यह चैटबॉट हिंदी, अंग्रेजी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में संवाद करने में सक्षम है। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए श्रद्धालु न्यास की आधिकारिक वेबसाइट skvt.org पर जा सकते हैं। वेबसाइट के होमपेज पर दिए गए चैट आइकन पर क्लिक करके बाबा की सेवाओं से जुड़ी किसी भी जिज्ञासा का समाधान तुरंत प्राप्त किया जा सकता है।
'काशी अब पुरातन परंपराओं के साथ आधुनिक तकनीक का संगम बन रही है। इस चैटबाट का उद्देश्य भक्तों और मंदिर प्रशासन के बीच दूरी कम करना है। विशेष रूप से त्योहारों और भीड़ के समय यह तकनीक भक्तों को सही और समय पर जानकारी देकर उनकी यात्रा को और अधिक सुविधाजनक बनाएगी।'
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-विश्व भूषण मिश्रा, मुख्य कार्यपालक अधिकारी, श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर।