वाराणसी में देलही विनायक प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक और सहायक शिक्षक में मारपीट
वाराणसी के कंपोजिट विद्यालय देहली विनायक में सहायक अध्यापक सत्य प्रकाश पाण्डेय ने प्रधानाध्यापक रमेश कुमार त्रिपाठी पर मारपीट और अभद्र व्यवहार का आरोप ...और पढ़ें

वाराणसी में प्रधानाध्यापक पर सहायक शिक्षक से मारपीट का आरोप, वीडियो साक्ष्य के साथ शिकायत।
HighLights
सहायक अध्यापक ने प्रधानाध्यापक पर मारपीट का आरोप लगाया।
शिकायत के साथ जीपीएस युक्त वीडियो साक्ष्य प्रस्तुत किया।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने मामले की जांच शुरू की।
जागरण संवाददाता, वाराणसी (सेवापुरी)। स्थानीय विकासखंड स्थित कंपोजिट विद्यालय देहली विनायक में तैनात सहायक अध्यापक सत्य प्रकाश पाण्डेय ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक रमेश कुमार त्रिपाठी पर मारपीट और अभद्र व्यवहार का गंभीर आरोप लगाया है। इस संबंध में शिक्षक ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को लिखित प्रार्थना पत्र के साथ वीडियो साक्ष्य भी सौंपा है।
शिकायत के अनुसार, बीते शनिवार को प्रधानाध्यापक रमेश कुमार त्रिपाठी सुबह करीब 8:30 बजे विद्यालय पहुंचे। आरोप है कि विद्यालय पहुंचने के बाद वह सीधे सहायक अध्यापक के कक्ष में गए और अपने मोबाइल फोन से उनका वीडियो बनाने लगे। जब शिक्षक ने वीडियो बनाने का कारण पूछा, तो प्रधानाध्यापक कथित रूप से आग बबूला हो गए और उनके साथ अभद्रता करते हुए मारपीट शुरू कर दी।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रधानाध्यापक ने उन्हें थप्पड़ भी मारे। सहायक अध्यापक का कहना है कि घटना के दौरान हुई मारपीट का जीपीएस युक्त वीडियो उनके पास उपलब्ध है, जिसे उन्होंने साक्ष्य के रूप में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को सौंप दिया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के विरुद्ध कठोर विभागीय एवं विधिक कार्रवाई की मांग की है।
उधर, इस प्रकरण के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में चर्चा तेज हो गई है। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ सकते हैं। फिलहाल जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
खबरें और भी
जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इस मामले में खंड शिक्षा अधिकारी संजय यादव ने बताया कि मामला प्रकाश में आया है। हमारे पास जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के द्वारा इसमें दो सदस्यीय टीम बनाई गई है, जो जांच करके रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। रिपोर्ट आने के बाद दोषी के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी, जिससे शिक्षा जगत में फिर कभी कोई इस तरह का अभद्र कार्य न कर सके।
इस घटना ने विद्यालय के माहौल को प्रभावित किया है और शिक्षकों के बीच चिंता का विषय बन गया है। शिक्षकों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं न केवल व्यक्तिगत स्तर पर बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र पर नकारात्मक प्रभाव डालती हैं। ऐसे में आवश्यक है कि इस मामले की गहनता से जांच की जाए और दोषियों को सजा दी जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि वे इस मामले की जांच में कोई कोताही नहीं बरतेंगे। सभी संबंधित पक्षों से बयान लिए जाएंगे और साक्ष्यों का मूल्यांकन किया जाएगा। इस प्रकार की घटनाएं न केवल शिक्षकों के लिए बल्कि छात्रों के लिए भी चिंता का विषय हैं।