यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 28, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
UP Anganwadi Bharti 2025: यूपी के इस जिले में होली से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की नवनियुक्ति का आएगा परिणाम, प्रक्रिया अंतिम चरण
UP Anganwadi Vacancy 2025 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की नवनियुक्ति की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। 199 रिक्त पदों के लिए 10689 आवेदन आए थे जिनका सत्याप ...और पढ़ें

HighLights
- 199 सीट के सापेक्ष जनपद में आए दस हजार 689 आवेदन
- आय, जाति, निवास प्रमाण पत्रों का आनलाइन सत्यापन पूर्ण
- अभिलेखों का फिजिकल वेरीफिकेशन अब अंतिम चरण में
जागरण संवाददाता, वाराणसी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं (UP Anganwadi Recruitment 2025) की नव नियुक्ति की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है।199 रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए आए 10,689 आवेदनों का सत्यापन हो चुका है। आय, जाति और निवास प्रमाण पत्रों का अब फिजिकल वेरीफिकेशन कराया जा रहा है।
इसमें से भी ब्लाक हरहुआ व शहरी क्षेत्र को छोड़ अन्य ब्लाकों के आवेदनों की जांच पूर्ण हो चुकी है। होली पहले परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। हालांकि परिणाम पहले फरवरी में ही घोषित करने की बात थी लेकिन महाकुंभ व महाशिवरात्रि के कारण इसमें देरी होना बताया जा रहा है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी डीके सिंह ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के आवेदनों की जांच पड़ताल अब अंतिम दौर में है। होली तक फाइनल रिजल्ट घोषित होने की पूरी उम्मीद है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की नियुक्ति के बाद सरकार की योजनाओं को रफ्तार मिलेगी। योजनाओं को जमीन पर उतारने की राह और आसान होगी। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों, धात्री व गर्भवती महिलाओं से जुड़ी योजनाओं के संचालन में भी तेजी आएगी।
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मेरिट ही चयन का होगा प्रमुख आधार
आरक्षित सीटों के मुताबिक आवेदन करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का चयन मेरिट के आधार पर ही होगा। न्यूनतम योग्यता इंटरमीडिएट है। इसकी बाद की कक्षाओं के अंकों को जाेड़कर प्रतिशत निकाला जाएगा। बीपीएल धारक, विधवा व तलाकशुदा महिलाओं को प्राथमिकता देने की बात है।
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की नव नियुक्ति। जागरण
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को 7500 मानदेय
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को मानदेय के रूप में छह हजार रुपये मिलेंगे। इसके अलावा पोषण ट्रैक समेत अन्य कार्यों के लिए 1500 रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में दिया जाता है। इस तरह वर्तमान में आंगनबाड़ी को कुल सात हजार पांच सौ रुपये प्राप्त हो रहे हैं।
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शिक्षा में नवाचार अपनाने की जरूरत
शिक्षा में नवाचार अपनाने की जरूरत है। भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित नवाचार देश को विश्वगुरु के रूप स्थापित करने में सहायक साबित होगा। मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में गुरुवार आयोजित छह दिवसीय संकाय संवर्द्धन कोर्स के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए ये बातें कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने कही।
उन्होंने कहा कि हमारी संस्थाओं को उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने का तरीका पता होना चाहिए, जिससे हम वर्तमान शिक्षा की चुनौतियों का सामना कर सकें। मुख्य अतिथि डा. इंद्रेश ने कहा कि हमें अपनी मातृभूमि पर गर्व होना चाहिए, क्योंकि मातृभूमि स्वर्ग से न्यारी होती है। उन्होंने बताया कि शिक्षा का प्रमुख उद्देश्य एक अच्छा मनुष्य बनाना होता है।