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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 13, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    शाइन सिटी प्रकरण में शुरू होगी कोर्ट में सुनवाई, सामने आएगी धोखाधड़ी की सच्चाई; दर्ज हैं फ्रॉड के 580 मुकदमे

    By Rakesh SrivastavaEdited By: Abhishek Pandey
    Updated: Sun, 13 Aug 2023 07:46 PM (IST)

    Shine City Case प्रदेश के हजारों निवेशकों के भरोसे पर बट्टा लगाने वाली शाइन सिटी कंपनी की सच्चाई अब कोर्ट में सामने आएगी। कैंट थाने में दर्ज राज्य सरक ...और पढ़ें

    शाइन सिटी प्रकरण में शुरू हुई कोर्ट में सुनवाई, सामने आएगी धोखाधड़ी की सच्चाई; दर्ज हैं फ्रॉड के 580 मुकदमे
    शाइन सिटी प्रकरण में शुरू हुई कोर्ट में सुनवाई, सामने आएगी धोखाधड़ी की सच्चाई; दर्ज हैं फ्रॉड के 580 मुकदमे

    राकेश श्रीवास्तव, वाराणसी : प्रदेश के हजारों निवेशकों के भरोसे पर बट्टा लगाने वाली शाइन सिटी कंपनी की सच्चाई अब कोर्ट में सामने आएगी। कैंट थाने में दर्ज राज्य सरकार बनाम अमिताभ श्रीवास्तव केस में शुरू हुई कोर्ट में सुनवाई वाराणसी में पहला मामला है। गति इतनी तेज की केस में गवाही शुरू होने से फैसला जल्द आने की उम्मीद है।

    वाराणसी में दर्ज करीब 108 मुकदमें में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन के जांच अधिकारी 60 मुकदमें में कंपनी के निदेशकों एवं संचालकों द्वारा धोखाधड़ी करने के निष्कर्ष पर पहुंच कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किए हैं। कंपनी का सीएमडी और मालिक राशिद नसीम दुबई में है, जिसे लाने को ईओडब्ल्यू गृहमंत्रालय के स्तर पर प्रयास कर रहा है। यूपी में आकड़ों को देखें तो 580 केस में करीब 500 में चार्जशीट लग चुकी है, तो 100 करोड़ के फ्राड का पता चला है।

    ईओडब्ल्यू को जांच की जिम्मेदारी

    शाइन सिटी के निवेशकों ने वाराणसी, लखनऊ, प्रयागराज, सोनभद्र, मीरजापुर, गाजीपुर आदि जिलों में धोखाधड़ी के केस दर्ज कराने शुरू किए तो सरकार गंभीर हुई। आदेश जारी हुआ कि प्रदेश में कहीं केस दर्ज होगा, जांच ईओडब्ल्यू करेगा। उसके बाद वाराणसी, लखनऊ और कानपुर की ईओडब्ल्यू टीम प्रदेश में दर्ज केस की जांच शुरू कर दी। निवेशकों को वाराणसी राजातलाब, पिंडरा और चंदौली के पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर में दिखाई गई जमीन की बिक्री पर रोक लगा दी गई है।

    शाइन सिटी पर एक नजर

    शाइन सिटी इंफ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के बैनर तले 34 सहायक कंपनियां कार्यरत थीं। ईओडब्ल्यू की जांच में पता चला कि वाराणसी के लक्सा का अमिताभ श्रीवास्तव 12, मूलत: माेहनिया बिहार और हाल निवासी सुसुवाही लंका का राजीव कुमार सिंह आठ, सीवान का मुश्ताक आठ और प्रयागराज का इजहार छह कंपनियों के कर्ताधर्ता था। अमिताभ, राजीव, मुश्ताक अहमद वाराणसी तो इजहार प्रयागराज जेल में बंद है। रियल स्टेट कारोबार की पहचान रखने वाली कंपनी शेयर मार्केट और क्रिप्टो करेंसी में भी निवेश कराई है।

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    वाराणसी से जुड़े आंकड़े

    -108 कुल मुकदमे।

    -86 केस वर्ष 2022 में दर्ज।

    -60 केस में चार्जशीट।

    -120 बैंक खातों से करते थे कारोबार।