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    खाड़ी युद्ध लंबा ख‍िंचते देख फंसे हुए भारतीय तीन से चार गुना अध‍िक किराया देकर लौट रहे स्वदेश

    By Naushad khanEdited By: Abhishek sharma
    Updated: Sat, 28 Mar 2026 01:47 PM (IST)

    ईरान-इजरायल युद्ध के कारण खाड़ी देशों में फंसे भारतीय नागरिक स्वदेश लौट रहे हैं। युद्ध लंबा खिंचने की आशंका से वे तीन-चार गुना अधिक किराया देकर घर वाप ...और पढ़ें

    खाड़ी युद्ध के बीच फंसे भारतीय नागरिक, तीन गुना किराया देकर वतन वापसी।

    खाड़ी युद्ध के बीच फंसे भारतीय नागरिक, तीन गुना किराया देकर वतन वापसी।

    HighLights

    1. खाड़ी युद्ध से भारतीय नागरिक स्वदेश लौट रहे हैं।

    2. तीन-चार गुना अधिक किराया देकर घर वापसी।

    3. उड़ानें रद्द होने से यात्रियों में चिंता।

    जागरण संवाददाता, (बाबतपुर) वाराणसी। ईरान-इजरायल युद्ध के कारण खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं। अमेरिका के सैन्य बेस होने के कारण बहरीन, कुवैत, कतर, यूएई, सऊदी अरब, जॉर्डन, इराक, ओमान, तुर्की और सीरिया सीधे तौर पर इस संघर्ष से प्रभावित हैं। युद्ध की समाप्ति की कोई संभावना न देखकर, भारतीय नागरिक अपने वतन लौटने लगे हैं।

    इस स्थिति में, कई लोग तीन से चार गुना अधिक किराया देकर घर लौटने को मजबूर हैं, जबकि कुछ के लिए बार-बार उड़ानें रद्द हो रही हैं। हवाई हमलों के कारण कई विमान सेवाएं भी रद्द हो गई हैं, जिससे भारतीय नागरिकों में चिंता और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।

    आजमगढ़, जौनपुर और मऊ के युवा रोजगार के लिए खाड़ी देशों में गए हैं। आजमगढ़ के देवगांव निवासी अब्दुल कलाम ने बताया कि वह ईद पर घर आना चाहते थे, लेकिन युद्ध के कारण उनकी उड़ान रद्द हो गई। उन्होंने बताया कि उनका विमान पहले 18 मार्च को था, लेकिन अचानक रद्द होने के बाद उन्हें बेंगलुरु के रास्ते टिकट लेना पड़ा। पिंडरा के अरशद खान ने भी इसी तरह की समस्या का सामना किया। जौनपुर के जनीद अख्तर ने फोन पर बताया कि काम पर जाते समय उन्हें हमेशा डर बना रहता है।

    केराकत, जौनपुर के यासीर शेख ने बताया कि उनका दुबई में लांड्री का व्यवसाय है। उन्होंने तीन गुना किराया देकर किसी तरह लखनऊ पहुंचकर सड़क मार्ग से घर लौटने का प्रयास किया। वहीं, शारजाह में सीसीटीवी कैमरे का काम करने वाले समीर खान कैफी ने कहा कि वह घर आना चाहते हैं, लेकिन महंगे टिकट के कारण नहीं आ पा रहे हैं। जौनपुर के जहांगीर ने बताया कि उनकी शादी 20 अप्रैल को है और वह पिछले 45 दिनों से अपने वतन लौटने के लिए प्रयासरत हैं, लेकिन चार बार उनकी उड़ान रद्द हो चुकी है।

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    इस स्थिति का असर ट्रैवल एजेंटों पर भी पड़ा है। विमानों के रद्द होने और बढ़ते किराए के कारण उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। यूरोप जाने वाले अधिकांश विमान अब दुबई के बजाय अफ्रीका होकर जा रहे हैं, जिससे किराया कई गुना बढ़ गया है। ट्रैवेल्स संचालक प्रदीप चौरसिया ने बताया कि कई टूर पैकेज रद्द करने पड़े हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है।

    वाराणसी से शारजाह जाने वाली उड़ान 28 फरवरी से रद्द है। एयर इंडिया एक्सप्रेस के स्थानीय प्रबंधक विक्रांत ने कहा कि उड़ानों की स्थिति कब सामान्य होगी, यह कहना मुश्किल है।खाड़ी देशों में फंसे भारतीय नागरिकों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, और उनके परिजन भी उनके सुरक्षित लौटने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

     

    खाड़ी देशों में भारतीयों की संख्या

    सऊदी अरब 25 से 30 लाख

    दुबई 15-20 लाख

    कुवैत 10 से 11 लाख

    कतर 7 से 7.5 लाख

    ओमान 7 से 7.5 लाख

    बहरीन 3 से 3.2 लाख।

    अन्य देशों में भारतीय नागरिकों की संख्या

    इजरायल 20,000

    जार्डन 20,000

    तुर्की 3,000

    ईरान 9,000

    इराक 200 से 300

    सीरिया 100 से कम