25 जून को भी यूपी की दहलीज पर ठिठका रहा मानसून, यूपी में मौसम विभाग ने जारी किया यह नया अलर्ट
मानसून यूपी की दहलीज पर ठिठका हुआ है, जिससे पूर्वांचल में गर्मी और उमस बनी हुई है। मौसम विभाग ने 28 जून तक हीटवेव अलर्ट जारी किया है, जिसके बाद मानसून ...और पढ़ें

यूपी में मानसून की देरी, पूर्वांचल में हीटवेव का अलर्ट जारी।
HighLights
मानसून यूपी की दहलीज पर ठिठका, देरी जारी।
पूर्वांचल में 27 जून तक हीटवेव का अलर्ट।
28 जून से बारिश, मानसून से राहत की उम्मीद।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। पूर्वांचल में मानसून का बेसब्री से इंतजार करने वालों के लिए गुरुवार का दिन निराशाजनक रहा। मौसम विभाग ने यूपी की दहलीज पर खड़े मानसून के एक बार फिर से पूर्व की रेखा पर ठिठके रहने की जानकारी साझा कर लोगों के इंतजार को और बढ़ा दिया है। जबकि पूर्वांचल में मौसम विभाग ने एक बार फिर से तीन दिनों का हीटवेव अलर्ट जारी कर गर्मी और उमस की चुनौती बरकरार रहने की चेतावनी दी है।
मौसम विभाग की ओर लोगों की निगाहें मानसून के पिछड़ने के बाद सक्रिय होने पर लगी हुई हैं लेकिन मानसून मानो यूपी की चौखट पर दस्तक देकर आगे बढ़ने से इन्कार कर रहा है। वाराणसी सहित पूर्वांचल में मानसून के आगमन को लेकर हालात अनुकूल हो चले हैं लेकिन मौसम विभाग ने 28 जून को सप्ताह भर की देरी के बाद मानसून के आगमन का अनुमान जताया है। लिहाजा समय पर मानसून नहीं आने से जहां गर्मी से लोगों को चुनौती झेलनी पड़ रही है वहीं दूसरी ओर खेती किसानी भी पिछड़ रही है।

मौसम विभाग ने बताया है कि प्रदेश में मौसमी सक्रियता की छिटपुट गतिविधियों के परिणामस्वरूप आज बांदा और प्रयागराज देश के सबसे गर्म शहरों में शामिल रहे। पूर्वी उत्तर प्रदेश के बांदा, प्रयागराज, वाराणसी, गाजीपुर, गोरखपुर, खीरी लखीमपुर, बलिया एवं बहराइच उष्ण लहर (लू) की चपेट में रहे। मौसमी गतिविधियों की अनुपस्थिति के कारण तापमान में मामूली वृद्धि हुई है, जिससे आगामी 27 जून तक पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर ऊष्ण लहर (लू) की स्थितियाँ जारी रहने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, 28 जून से प्रदेश में वर्षा का एक नया दौर आरम्भ होने की संभावना है। इसके साथ ही, दक्षिण पश्चिम मानसून के अगले 2-3 दिनों में प्रदेश तक पहुंचने की उम्मीद है। इसके बाद के 2-3 दिनों में उत्तर प्रदेश में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनेंगी।
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इस समय प्रदेश में तापमान में वृद्धि के साथ-साथ उमस भरी गर्मी भी महसूस की जा रही है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मौसमी गतिविधियों की कमी के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। हालांकि, आगामी दिनों में मानसून के आगमन से राहत मिलने की उम्मीद है।
बांदा और प्रयागराज में एक दिन पूर्व तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है, जिससे लोगों को गर्मी से काफी परेशानी हो रही है। इस दौरान, लोग अपने दैनिक कार्यों को करने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं। विशेषकर, दोपहर के समय बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
गर्मी के इस दौर में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्हें पर्याप्त पानी पीने, हल्का भोजन करने और धूप में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, बच्चों और बुजुर्गों को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है, क्योंकि वे गर्मी से अधिक प्रभावित हो सकते हैं।
मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि मानसून के आगमन के साथ ही प्रदेश में वर्षा की गतिविधियों में तेजी आएगी। इससे न केवल तापमान में गिरावट आएगी, बल्कि कृषि गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। किसानों के लिए यह समय महत्वपूर्ण है, क्योंकि वर्षा फसलों के लिए आवश्यक है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसमी गतिविधियों की कमी के कारण उष्ण लहर (लू) का दौर जारी है, लेकिन आगामी दिनों में मानसून के आगमन से राहत मिलने की संभावना है। प्रदेशवासियों को सलाह दी जाती है कि वे गर्मी से बचने के उपाय करें और स्वास्थ्य का ध्यान रखें। इस समय, सभी की नजरें मानसून पर टिकी हुई हैं, जो कि प्रदेश की जलवायु और कृषि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।