काशी के ज्योतिषाचार्य का बड़ा दावा, अमेरिका, इजराइल और ईरान समझौता भारत में होगा, यह ग्रह खत्म कराएंगे युद्ध
काशी के आचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री ने भविष्यवाणी की है कि अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्ध भारत की मध्यस्थता से समाप्त होगा। उन्होंने 15 मई से 1 ...और पढ़ें

काशी के ज्योतिषाचार्य का दावा: अमेरिका, इजराइल, ईरान समझौता भारत में होगा।
HighLights
आचार्य शास्त्री ने अमेरिका, इजराइल, ईरान युद्ध समाप्ति की भविष्यवाणी की।
भारत की मध्यस्थता से 15 मई से 18 जुलाई के बीच समझौता संभव।
वैश्विक स्थिरता में भारत की भूमिका महत्वपूर्ण, प्राकृतिक आपदा की चेतावनी।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। काशी के आचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण भविष्यवाणी की है। उन्होंने अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के इस वर्ष समाप्त होने का संकेत दिया है। इस प्रक्रिया में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका भी बताई गई है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच युद्ध पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में एक गंभीर मोड़ पर पहुंच चुका है। मगर इसमें भारत के पहल के साथ ही इसके खत्म होने की भविष्यवाणी काशी के ज्योतिषाचार्य ने करके नए समीकरणों को बताया है।
वज्ञ कृष्ण शास्त्री ने बतया कि भारतीय ज्योतिष के अनुसार, ज्योतिष शास्त्र को वेद भगवान का नेत्र माना गया है। इसके बिना सनातन धर्म के मूल की कल्पना नहीं की जा सकती, क्योंकि नेत्र ही सब कुछ है, जो ज्योति और प्रकाश प्रदान करता है। संपूर्ण विश्व की कुंडली का अवलोकन करने के बाद, 15 मई को ग्रहों के राजा सूर्य का शुक्र की राशि वृषभ में प्रवेश हो रहा है। इस परिवर्तन के साथ-साथ सूर्य और बुध का वृषभ राशि में प्रवेश और हलचल देखने को मिलेगी, जो बुध आदित्य योग का निर्माण कर रही है।
इसी के साथ, ग्रहों के सेनापति मंगल 12 मई से अपनी स्वराशि मेष में प्रवेश करेंगे। मंगल ग्रह को पराक्रम का कारक और सेनापति कहा गया है, जबकि सूर्य ग्रह राजा और बुध ग्रह राजकुमार माने जाते हैं। इसके अतिरिक्त, नवग्रह के मंत्री गुरुदेव भगवान 21 तारीख को सुबह 03:48 बजे अपनी उच्च राशि में प्रवेश करेंगे। इसे गुरु की अतिचार गति भी कहा जाता है, जो भारतवर्ष के लिए सर्वोच्च निर्णायक का पद प्रदान करता है।
इन सभी ग्रहों की स्थिति के आधार पर, अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच समझौता भारत में होता दिख रहा है। सूर्य और बुध की युति, जो राजा और राजकुमार की युति है, साथ ही सेनापति मंगल का समर्थन और देवगुरु बृहस्पति का उच्च राशि में योगदान, इस समझौते में विशेष भूमिका निभाएंगे। इसके साथ ही, गुरु भगवान को शुक्र का भी सहयोग मिलेगा, जो कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। शुक्र ग्रह 8 जून को कर्क राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे गुरु का प्रभाव और बढ़ जाएगा।
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ज्योतिष की गणना से आएगा बदलाव
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहों की चाल और उनकी स्थिति का मानव जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। यह समय विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह न केवल व्यक्तिगत जीवन में बदलाव लाएगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी महत्वपूर्ण घटनाओं का संकेत दे रहा है। ज्योतिष के माध्यम से हम इन परिवर्तनों को समझ सकते हैं और अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। इस प्रकार, ज्योतिष शास्त्र का अध्ययन और अनुसंधान हमें न केवल अपने व्यक्तिगत जीवन को समझने में मदद करता है, बल्कि वैश्विक घटनाओं के प्रति भी जागरूक बनाता है। यह समय हमें अपने निर्णयों में सावधानी बरतने और ग्रहों की चाल के अनुसार आगे बढ़ने का संकेत दे रहा है।
युद्ध की हुई शुरूआत
बीते 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों पर किए गए संयुक्त हवाई हमलों (ऑपरेशन 'एपिक फ्यूरी') के बाद यह खुला युद्ध शुरू हुआ। वर्तमान में दोनों पक्षों के बीच सीजफायर (युद्धविराम) संकट में है और तनाव चरम पर है। शांति प्रस्ताव के बिंंदुओं पर सहमति नहीं होने से हालात और भी बिगड़ने की संभावनाओं के बीच दावे और हकीकत पर चर्चाओं का दौर जारी है।
ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को बंद कर रखा है और व्यापारिक जहाजों से टैक्स वसूलना शुरू कर दिया है। इस नाकाबंदी के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। खाड़ी देशों से यूरोप जाने वाले हवाई ईंधन (जेट फ्यूल) की आपूर्ति ठप होने से यूरोपीय देशों में विमान सेवाएं प्रभावित होने का खतरा मंडरा रहा है।
नए खुलासों ने चौंकाया
हालिया खुफिया रिपोर्टों में खुलासा हुआ है कि केवल अमेरिका और इजराइल ही नहीं, बल्कि सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की ओर से भी मार्च के अंत में ईरान के ठिकानों पर गुप्त हवाई हमले किए थे। ईरान के जवाबी हमलों से बचाने के लिए इजराइल ने पहली बार आधिकारिक तौर पर अपनी 'आयरन डोम' एयर डिफेंस प्रणाली और सैन्य कर्मियों को यूएई में तैनात किया है।
इस बीच, ईरान के उप-विदेश मंत्री ने नई दिल्ली में हो रहे ब्रिक्स (BRICS) बैठक के दौरान कहा कि ईरान पश्चिम एशिया में शांति के लिए भारत की किसी भी शांति पहल का स्वागत करेगा। इस संदर्भ में भारत की भूमिका को लेकर चर्चाएं भी अब तेज हो गई हैं।
ज्योतिषीय गणना का परिणाम
काशी के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य आचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री ने ग्रहों की गणना के अनुसार कहा है कि अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच समझौता भारत में ही होगा। उन्होंने भारत के पहल के साथ ही अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच समझौता होने की बात कही है। इसके लिए उन्होंने तिथि भी निर्धारित की है। उनका कहना है कि 15 मई से 18 जुलाई के बीच बनने वाले योग इस बात का संकेत दे रहे हैं कि भारत की भूमिका इस युद्ध की समाप्ति में महत्वपूर्ण हो सकती है।
आचार्य शास्त्री ने इसके साथ ही आने वाले समय में बड़ी प्राकृतिक आपदा के संकेत भी दिए हैं। उन्होंने कहा कि 13 मई को दिल्ली में सूरज पूरी तरह से धूसर दिख रहा था, जो कि एक असामान्य घटना है। उन्होंने कहा कि किसी ने मई में ऐसा दृश्य पहले कभी नहीं देखा होगा। इस प्रकार के संकेत भविष्य में महत्वपूर्ण घटनाओं का संकेत दे सकते हैं।
आचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री की भविष्यवाणियों ने न केवल भारत की भूमिका को उजागर किया है, बल्कि वैश्विक राजनीति में भी एक नई दिशा की ओर इशारा किया है। उनकी भविष्यवाणियों के अनुसार, भारत का योगदान इस संघर्ष को समाप्त करने में महत्वपूर्ण हो सकता है, जो कि न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्थिरता के लिए भी आवश्यक है। काशी के आचार्य दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री की भविष्यवाणियां पहले भी चर्चा में रही हैं। इस बार वैश्विक हालातों को लेकर उनका यह बड़ा दावा एक बार फिर से चर्चा मे है।