काशी में पर्यावरण संरक्षण की पहल, गंगा में में चलेंगी 100 इलेक्ट्रिक नावें
वाराणसी में गंगा नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए 100 इलेक्ट्रिक नावें चलाई जाएंगी। भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) इस पहल को नाविकों के स ...और पढ़ें
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गंगा में पर्यावरण संरक्षण के लिए चलेंगी 100 इलेक्ट्रिक नावें। AI जेनेरेटेड फोटो

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जागरण संवाददाता, वाराणसी। गंगा में डीजल इंजन से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए लगातार प्रयास होते रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए इस दिशा में नई पहल के तहत 100 इलेक्ट्रिक नावें चलाई जाएंगी। इन नावों को उपलब्ध कराने के लिए भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) व्यवस्था करेगा।
मंडलायुक्त एस राजलिंगम ने आर्थिक और पर्यावरणीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रिक नावों को बढ़ावा देने के लिए आइडब्ल्यूएआइ और नाविकों व माझी समाज के साथ के बैठक कर रूप रेखा तैयार की गई।
प्रारंभिक स्तर पर तैयार योजना के लिए आईडब्ल्यूएआई नाविकों को साथ लेकर यह तय करेगा कि नमोघाट से लेकर असि तक के बीच कहां-कहां चार्जिंग प्वाइंट बनेंगे। नाविकों से सुझाव लिए जाएंगे। साथ ही मोटरबोट को सीएनजी में परिवर्तित किया जाएगा।
माझी व नाविक समाज के लोगों की सहभागिता से योजना से जोड़ा जाएगा। आईडब्ल्यूएआई के उपाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह की उपस्थित में आयोजित बैठक में नाविकों व माझी समाज के लोगों ने अपनी समस्याएं व सुझाव रखे।
नाविकों के लिए यूनिफार्म व पहचान पत्र बनवाने, अवैध गाइड करने वालों पर रोक लगाने, विभिन्न घाटों के मध्य बोट रेट निर्धारित करने, लाइसेंसीकरण सुनिश्चित कराने और परंपरागत नावों के फिटनेस जांच में शासन प्रशासन के अधिकारियों के साथ नाविक संगठन के सदस्यों को भी शामिल करने सहित अन्य मुद्दे उठाए गए।
कहा कि नावों की फिटनेस तथा अन्य सुरक्षा मानकों की जांच में माझी समाज को भी शामिल किया जाएगा। इसके लिए सर्वेक्षक की नियुक्ति की जाएगी। नावों के रजिस्ट्रेशन की जांच के लिए आरटीओ के साथ नगर निगम को शामिल करने का सुझाव दिया गया। वैसे आइडब्ल्यूएआइ की दो इलेक्ट्रिक नावें और एक हाइड्रोजन से संचालित नाव पहले से ही चल रही है।