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    एलिवेटेड कॉरिडोर से काशी बनेगी टूरिज्म की सुपर हाइवे, व्यापार को मिलेगा नया आयाम

    Updated: Fri, 17 Jul 2026 07:35 AM (GMT+05:30)

    काशी में गंगा और वरुणा नदी के किनारे बनने वाले दो एलिवेटेड कॉरिडोर 24 लाख निवासियों और करोड़ों श्रद्धालुओं को लाभ पहुंचाएंगे। यह परियोजना शहर के ट्रैफ ...और पढ़ें

    24 लाख आबादी के साथ हर साल आने वाले 10 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं, पर्यटकों, कारोबारियों को मिलेगा लाभ। सांकेतिक तस्वीर

    24 लाख आबादी के साथ हर साल आने वाले 10 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं, पर्यटकों, कारोबारियों को मिलेगा लाभ। सांकेतिक तस्वीर

    HighLights

    1. 24 लाख काशीवासियों और करोड़ों पर्यटकों को मिलेगा सीधा लाभ।

    2. एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, विश्वनाथ धाम तक पहुंच होगी अब आसान।

    3. शहर में ट्रैफिक जाम कम होगा, व्यापार और पर्यटन बढ़ेगा।

    जागरण संवाददाता, वाराणसी। गंगा और वरुणा नदी के किनारे बनने वाले दो एलिवेटेड कारिडोर सिर्फ सड़क नहीं, बल्कि काशी की तस्वीर बदलने वाली लाइफलाइन बनेंगे। 24 लाख काशीवासियों के साथ हर साल आने वाले लगभग दस करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं, पर्यटकों और कारोबारियों को इसका सीधा फायदा मिलेगा। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, काशी विश्वनाथ धाम, सारनाथ, नमो घाट तक पहुंच आसान होगी तो वहीं समय की बचत भी।

    शहर के बाहर का ट्रैफिक ऊपर से निकलेगा, लोकल ट्रैफिक नीचे चलेगा। इसके अलावा गंगा उस पार काशी के नए विस्तार की राह प्रशस्त होगी। नई काशी की रूपरेखा खींचने की तैयारी भी विकास प्राधिकरण की तरफ से शुरू कर दी गई है। गंगा उस पार नियाेजित प्लान के तहत 89 किमी लंबे वरुणा-गंगा कारिडोर और रिंग रोड के आसपास नई टाउनशिप, माल, अस्पताल, कालेज, लाजिस्टिक हब बनेंगे।

    पर्यटकों को भी यह क्षेत्र लुभाएगा क्योंकि चंद्राकार गंगा किनारे से काशी को निहार सकेंगे। दूसरी तरफ केंद्रीय कैबिनेट से इस परियोजना पर मुहर लगने के बाद एनएचएआइ की तरफ से भी तैयारी शुरू कर दी गई है।

    कारोबार को मिलेगा फलक

    बनारसी साड़ी, कालीन, हस्तशिल्प के थोक बाजार और इंडस्ट्रियल एरिया की रफ्तार बढ़ेगी। बिना जाम के घाट, मंदिर, होटल पर्यटक पहुंच सकेंगे। पर्यटक का ठहराव होगा तो होटल, टैक्सी, रेस्तरां, गाइड सबकी कमाई बढ़ेगी। ये कारिडोर काशी की आर्थिक, सामाजिक और शहरी संरचना को बदलने वाली आधारभूत योजनाएं साबित हो सकती हैं।

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    रोज जाम में घंटों फंसना पड़ता है। एलिवेटेड कारिडोर बनने से कारोबार के साथ समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। -देवांश पांडेय।

    स्कूल आने-जाने में रोज ट्रैफिक की परेशानी रहती है। नई सड़कें बनने से सफर आसान और समय पर पहुंचना संभव होगा।-अमरजीत सिंह।

    एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन के बीच सबसे ज्यादा जाम मिलता है। कॉरिडोर बनने से यात्रियों को जल्दी और आरामदायक सफर मिलेगा।-विकेश यादव।

    वाराणसी आते ही जाम शुरू हो जाता है। एलिवेटेड रोड बनने से शहर में प्रवेश और बाहर निकलना काफी आसान हो जाएगा।-गौतम यादव।

    परीक्षा और क्लास के समय ट्रैफिक सबसे बड़ी समस्या बनता है। बेहतर सड़क नेटवर्क से छात्रों को भी बड़ी राहत मिलेगी। -चंदन पांडेय।

    पर्यटक अगर बिना जाम के जल्दी पहुंचेंगे तो काशी की छवि और बेहतर होगी। पर्यटन और व्यापार दोनों को फायदा मिलेगा।-साहिल त्रिपाठी।

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