वाराणसी कफ सीरप तस्करी मामला शुभम समेत नौ पर लगा गैंगस्टर एक्ट, भोला प्रसाद सरगना घोषित
वाराणसी में 2000 करोड़ रुपये के कफ सीरप तस्करी मामले में रोहनिया पुलिस ने शुभम जायसवाल और उसके गिरोह के नौ सदस्यों पर गैंगस्टर एक्ट लगाया है। पुलिस ने ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
शुभम जायसवाल समेत नौ तस्करों पर गैंगस्टर एक्ट लगा।
भोला प्रसाद को कफ सीरप तस्करी गिरोह का सरगना बनाया।
गैंगस्टर एक्ट के तहत संपत्ति जब्त करने की तैयारी।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। दो हजार करोड़ रुपये के कफ सीरप तस्करी मामले में रोहनिया पुलिस ने कायस्थ टोला प्रह्लाद घाट थाना आदमपुर निवासी शुभम जायसवाल और उसके गिरोह के नौ सदस्यों पर गैंग्सटर एक्ट लगाया है। पुलिस ने भोला प्रसाद (शुभम के पिता) को गैंग का लीडर घोषित किया है।
गैंग्सटर एक्ट के नए मुकदमे का आरोपितों को न सिर्फ सामना करना पड़ेगा, बल्कि पुलिस गिरोह के एक-एक सदस्य की बची-कुची संपत्ति भी धारा 14 (3) में सीज करेगी। रोहनिया पुलिस ने बीते 19 नवंबर को भदवर स्थित जिम के तहखाने में छिपा कर रखे गए 500 पेटी से ज्यादा कफ सीरप की बरामदगी मामले में तस्करों का नेटवर्क सामने आने के बाद गैंग्सटर एक्ट लगाया है। इस मामले में सभी नौ आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट पहले से ही लग चुकी है।
रोहनिया पुलिस ने भदवर स्थित जिम में बरामद 18,600 सीसी फेंसाडिल और 75,150 सीसी स्कफ सीरप की जांच शुरू की तो आरोपितों के तार गाजियाबाद, त्रिपुरा तक फैला मिला। इंस्पेक्टर राजू सिंह ने जांच शुरू की तो जिम के तहखाने से एक ई-वेबिल मिला। जिसकी जांच में पता चला कि कफ सीरप गाजियाबाद की दवा फर्म आरएस फार्मा ने चंदौली के सिंह मोडिकोज को भेजा था।
ई-वेबिल से उस ट्रक नंबर का पता चला, जिसके कफ सीरप ढोया गया था। जांच आगे बढ़ी गाजियाबाद निवासी आरएस फार्मा का मालिक सौरभ त्यागी, शिवाकांत उर्फ शिवा, कृष्णा नगर चंधासी थाना मुगलसराय चंदौली निवासी व सिंह मेडिकोज के मालिक स्वप्निल केसरी, सप्तसागर मैदागिन थाना कोतवाली निवासी दिनेश यादव, ईश्वरगंगी थाना जैतपुरा निवासी आशीष यादव का नाम सामने आया था।
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एसीपी संजीव शर्मा ने बताया कि सौरभ त्यागी और शिवाकांत उर्फ शिवा ने आरएस फार्मा से कफ सीरप स्वप्निल केसरी के फर्म को भेजा था। स्वप्निल केसरी ने पूछताछ में शुभम जायसवाल के करीब दिनेश यादव व आशीष यादव की संलिप्तता बताई। उधर बरामद फैंसाडील के बैच नंबर के आधार पर कफ सीरप बनाने वाली कंपनी एबाट से रिपोर्ट मांगी गई तो पता चला कि उसने शुभम के पिता भोला प्रसाद की फर्म शैली ट्रेडर्स को आपूर्ति की की थी।
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जबकि 19 नवंबर को कफ सीरप बरामदगी के शुभम, महेश सिंह (भदवर के ग्राम प्रधान के पति महेश जिसके तहखाने में कफ सीरप बरामद था।) और रमाकान्त नगर सिगरा के आजाद जायसवाल के खिलाफ नामजद केस दर्ज था। इस तरह पुलिस ने सभी नौ आरोपितों का गिरोह सामने आने पर गैंग्सटर एक्ट में निरुद्ध किया गया।
जानिए किस तरह शुभम पर कसता गया पुलिस का शिकंजा
- 19 नवंबर 2025 को रोहनिया पुलिस ने 500 पेटी से ज्यादा कफ सीरप बरामदगी का केस किया।
- 22 जनवरी को गैर जमानती वारंट जारी हुआ।
- 24 फरवरी को कुर्की पूर्व का उद्घोषणा नोटिस जारी हुआ।
- 26 फरवरी को नोटिस सहजदृश्य स्थान पर नोटिस चस्पा किया।
- 27 फरवरी को विभिन्न अखबारों में इश्तेहार प्रकाशित कराए गए।
- 30 मार्च को अदालत ने उपस्थित होने का अंतिम अवसर मिला ।
- 01 अप्रैल को कोतवाली पुलिस ने कोर्ट में पेश न होने का केस दर्ज किया।
- 05 अप्रैल को पुलिस की अर्जी पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने भगोड़ा घोषित किया।
- 01 मई को गैंग्सटर एक्ट की कार्रवाई हुई।
कोतवाली और सारनाथ पुलिस भी गैंग्सटर लगाने की तैयारी में
वाराणसी में कोतवाली और सारनाथ पुलिस भी शुभम, भोला और अन्य आरोपितों के खिलाफ गैंग्सटर लगाने की तैयारी में हैं। पुलिस एक तस्कर का कुंडली तैयार कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है।
गैंग्सटर की धारा 14 (1) में संपत्ति जब्त करने का प्रविधान है। गैंग्सटर लगने के साथ ही पुलिस आगे के प्रयास में जुट गई है। सारनाथ पुलिस भी तेजी से जांच कर रही है।
प्रमोद कुमार, पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन।