यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 12, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Varanasi News: वाराणसी के लोगों को लिए खुशखबरी, पिशाचमोचन का होगा जीर्णोद्धार; बनेगा पिंडदान कुंड
Varanasi News नगर निगम ने पिशाचमोचन कुंड का पुनरुद्धार कराने का निर्णय लिया है। निगम ने इसकी जिम्मेदारी वाराणसी स्मार्ट सिटी को सौंपी है। वहीं स्मार्ट ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, वाराणसी : नगर निगम ने पिशाचमोचन कुंड का पुनरुद्धार कराने का निर्णय लिया है। निगम ने इसकी जिम्मेदारी वाराणसी स्मार्ट सिटी को सौंपी है। वहीं स्मार्ट सिटी ने कुंड का जीर्णोद्धार दो चरणों में कराने का निर्णय लिया है। पहले चरण में चावल के आटे से बनने वाले पिंड को प्रवाह करने के लिए एक छोटा पिंडदान कुंड बनाने का निर्णय लिया है।
कुंड के किनारे बनने वाले इस पिंडदान कुंड में स्टील की जाली लगाई जाएगी ताकि इस कुंड की तलहटी पर चावल व आटे का बनने वाला पिंड जमा हो सके। वहीं पिंडदान कुंड के तीन ओर जेटी लगाई जाएगी ताकि पिंडदान करने वालों को सहूलियत हो सके।
इसे भी पढ़ें: वायुसेना दिवस पर UP में होगा एशिया का सबसे बड़ा एयर शो, PM मोदी; राष्ट्रपति मुर्मु समेत कई दिग्गज होंगे शामिल!
स्मार्ट सिटी के महाप्रबंधक डॉ. डी वासुदेवन ने बताया कि कुंड में जाली लगाने से इसे आसानी से साफ कराया जा सकता है। समय-समय पर सफाई कर्मी इस जाली को साफ करते रहेंगे। इससे कुंड का पानी कम गंदा होगा। वहीं मछलियां भी नहीं मरेगी।
पिशाचमोचन कुंड के जीर्णोद्धार के लिए टेंडर किया जा चुका है। पितृपक्ष से पहले पिंडदान कुंड बनवाने का लक्ष्य रखा गया है। जबकि सिविल वर्क दूसरे चरण में कराएंगे जाएंगे। वर्तमान में पिशाचमोचन कुंड की दशा काफी खराब है। इस कुंड से आने वाली दुर्गंध के कारण लोग आचमन तो दूर स्नान करने से भी हिचकते हैं।
खबरें और भी
इसे भी पढ़ें: लाठीचार्ज के विरोध में अधिवक्ताओं की हड़ताल जारी, आज भी अदालतों में नहीं होगा काम
जबकि पितरों के दोष व तर्पण के लिए पिशाचमोचन कुंड का काफी धार्मिक महत्व है। पितरों के तर्पण करने वालों की आस्था को ध्यान रखते हुए निगम ने पिशाचमोचन कुंड का कायाकल्प करते हुए इसके पानी को भी साफ कराएगी।