कोडीन कफ सीरप तस्करी मामले में सरगना शुभम के हवाला नेटवर्क का भड़ाफोड़, वाराणसी पुलिस ने 6 आरोपी दबोचे
वाराणसी पुलिस ने 2000 करोड़ के कोडीन कफ सीरप तस्करी मामले में बड़ी कार्रवाई की है। किंगपिन शुभम जायसवाल के हवाला नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए छह आरोपि ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर

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जागरण संवाददाता, वाराणसी। दो हजार करोड़ के कोडीन कफ सीरप तस्करी मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। तस्करी के किंगपिन शुभम जायसवाल के हवाला नेटवर्क का राजफाश करते हुए छह आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।
उनके पास से बड़ी मात्रा में रुपये बरामद हुए। नोट गिनने की तीन मशीनें और दस मोबाइल भी मिले। पकड़े गए हवाला कारोबारी राजस्थान के रहने वाले हैं। शुभम के लिए वाराणसी में रहकर उसकी काली कमाई को सफेद कर रहे थे।
एसीपी कोतवाली विजय प्रताप के अनुसार शुभम के दोस्त और उसके कारोबार में सहयोगी रहे वैभव जायसवाल कि गिरफ्तारी के बाद गिरोह के हवाला नेटवर्क के बारे में पता चला। इसके आधार पर नई दिल्ली शास्त्री नगर के रहने वाले अशोक, राजस्थान के बीकानेर के रहने वाले मोहित सारस्वा, रामअवतार, गिरधारी को गिरफ्तार किया।
सभी जैतपुरा के संजय गांधी नगर कॉलोनी निवासी में रह रहे थे। इनके साथ ही गाजीपुर के दुल्लापुर निवासी संतोष गिरी और बलिया के नगरा निवासी ओम प्रकाश खरवार को गिरफ्तार किया गया। इन सभी के पास से कफ सीरप की तस्करी से हासिल 42 लाख रुपये बरामद हुए। इनके पास रुपये गिनने की मशीन भी थी।
राजस्थान का गिरोह कर रहा था शुभम के लिए काम
पुलिस को जांच में पता चला कि शुभम कफ सीरप की तस्करी से बहुत रुपये हासिल कर रहा था। यह रुपये सीधे बैंक में नहीं भेजे जा सकते थे। इसलिए उनको हवाला के जरिए गिरोह के सदस्यों के पास भेजने के साथ ही काली कमाई को सफेद करने की जरूरत पड़ी।
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इसके लिए उसने राजस्थान के हवाला गिरोह की मदद लिया। इसके संचालन की जिम्मेदारी अपने वफादार वैभव जायसवाल को सौंपी। राजस्थान के गिरोह को वाराणसी बुलाया गया। उनके साथ हवाला कारोबार में जमे दिल्ली, गाजीपुर, बलिया, पश्चिम बंगाल, उडी़सा के लोगों शामिल किया।
सभी मिलकर हर रोज लगभग दस करोड़ रुपये हवाला के जरिए देश के दूसरे हिस्सों में पहुंचाते थे। नोट इतने अधिक होते थे उनकी गिनती मशीनों से की जाती थी। शुभम के हिस्से के रुपये सोने, जमीन आदि में निवेश करते थे। सबका लेखा-जोखा शुभम तक पहुंचता था।
वैभव ने फरारी के दौरान भेजे शुभम को रुपये
कोडीन कफ सीरप मामले का राजफाश होने के बाद से फरार होकर दुबई में छुपे शुभम के संपर्क में वैभव जायसवाल था। उसके पास मौजूद रुपये शुभम तक पहुंचाया। इंटरनेट मीडिया के माध्यम से उसे भारत में उसके खिलाफ होने वाली गतिविधियों का जानकारी देता रहा। पुलिस ने वैभव को पकड़ा तो उसके पास 22.5 लाख रुपये बरामद हुए। इन रुपयों को भी शुभम तक पहुंचाने का फिराक में था।
कोड होते थे नोटों के नंबर देते थे
हवाला के जरिए नोटों को एक से दूसरी जगह पहुंचाना वाले गिरोह बड़ी चालाकी से अपना काम करता था। एक, पांच, दस 50 के नोट को नंबर को कोड की तरह इस्तेमाल करता था। जिसे रुपये भेजने होते थे उसे नोट का एक हिस्सा दिया जाता था।
रुपये लेकर जाने वाले के पास उस नोट का एक हिस्सा होता था। नोट के दोनों हिस्सों के मिलान के बाद ही रुपये का लेन-देन होता था। पकड़े गए गिरोह के पास से ऐसे नोट बरामद हुए हैं।
शुभम के खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज
कोडीन कफ सीरप मामले के किंगपिन शुभम के खिलाफ एक और मुकदमा कोतवाली में दर्ज किया गया है। अदालत ने उसके खिलाफ पूर्व में दर्ज मुकदमों में हाजिर होने के लिए 30 मार्च तक का समय दिया था।
एसीपी कोतवाली के अनुसार उसके हाजिर नहीं होने पर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए चार्जशीट भी लगा दी गई है। इसके साथ ही उसके खिलाफ कुर्की की प्रक्रिया के लिए अदालत से प्रार्थना किया जाएगा।
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