वाराणसी में UP कॉलेज मर्डर केस: नहीं मिलेगी आसानी से रिहाई, मुख्य आरोपी मंजीत चौहान पर लगा NSA
यूपी कॉलेज में 20 मार्च को बीएससी छात्र सूर्य प्रताप सिंह की हत्या के आरोपी मंजीत चौहान पर डीएम ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाया है। आरोपी पह ...और पढ़ें

20 मार्च को बीएससी छात्र सूर्य प्रताप सिंह की कालेज में गोली मारकर हत्या की गई थी। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
बीएससी छात्र सूर्य प्रताप सिंह की हत्या के आरोपी पर रासुका।
उदय प्रताप कॉलेज में 20 मार्च को हुई थी हत्या।
मुख्य आरोपी मंजीत चौहान पहले से गैंगस्टर एक्ट में बंद।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। उदय प्रताप कालेज में 20 मार्च को बीएससी छात्र सूर्य प्रताप सिंह की हत्या के मामले में जेल में बंद आरोपित मंजीत चौहान को डीएम ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून में निरुद्ध किया है। इसके पहले घटना के आरोपितों के खिलाफ पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट की भी कार्रवाई की थी।
बीएससी चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र ग्राम दुबैथा थाना रामपुर मांझा जनपद गाजीपुर निवासी सूर्य प्रताप सिंह सूर्या की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने इसकी कालेज में बीए में अध्ययनरत मंजीत चौहान और अनुज कुमार सिंह के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की थी।
दोनों के खिलाफ दर्ज एफआइआर और विवेचना में इनकी दागदार छवि के आधार पर उनको गैंगस्टर में भी निरुद्ध किया। आरोपित जमानत के लिए लगातार प्रयास में जुटे थे। उधर शिवपुर थाना पुलिस ने इन पर शिकंजा कसते हुए रासुका के लिए पत्र लिखा। डीएम ने उन पर एनएसए लगा दिया गया है।
यह था मामला
यूपी कालेज के प्रशासनिक भवन के पास 20 मार्च को दिन में 11 बजे यह घटना हुई। कमरा नंबर 12 के बाहर अध्यापकों व छात्रों के सामने ही सूर्य प्रताप सिंह सूर्या की गोली मारकर हत्या हुई।
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घटना के बाद गुस्साए छात्रों ने तोड़फोड़ और कई दिनों तक धरना प्रदर्शन भी किया था। मंजीत चौहान को उसी दिन गिरफ्तार किया जबकि दूसरे आरोपित मीरापुर बसही निवासी अनुज कुमार सिंह ने घटना के 14 दिन कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था।